पवन से चार्ज होगा मोबाइल

सफर में चार्ज नहीं हो पाया मोबाइल तो मैनिट के स्टूडेंट ने बना दिया हवा से चलने वाला चार्जर, लगभग सौ रूपए होगी कीमत

यदि सफर के दौरान आपके मोबाइल की बैटरी खत्म हो जाए तो चिंता छोड़िए, क्योंकि अब आप लंबे सफर के दौरान भी उसे आसानी से चार्ज कर सकेंगे। वो भी बिना बिजली के मिनटों में। यह तकनीक शहर के एक स्टूडेंट ने ईजाद की है, जिसका नाम रखा है ‘पवन चार्जर’। जब भी आप ट्रेन, बस या फिर अपनी बाइक से सफर करेंगे तो इसे साथ में रखना पड़ेगा। गाड़ी की रफ्तार बढ़ते ही हवा से मोबाइल चार्ज होना शुरू हो जाएगा।

इस खास तरह के चार्जर का निर्माण करने वाले प्रियंक सक्सेना ने बताया कि सफर के दौरान कई बार मोबाइल डिस्चार्ज होने से काफी परेशानी होती थी। यही वजह है कि उन्होंने इसका अविष्कार किया। प्रियंका ने अपने इस यूनिक आइडिया को पेटेंट कराने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

 विंड एनर्जी का इस्तेमाल

‘पवन चार्जर’ एक बहुत ही छोटा डिवाइस है, जिसे आसानी से साथ लाना, ले लाया जा सकता है। प्रियंका सक्सेना मैनिट के एनर्जी डिपार्टमेंट में थर्ड ईयर के स्टूडेंट हैं। प्रियंका बताते हैं कि हमें मोबाइल चार्ज करने के लिए कई बार जद्दोजहद करनी पड़ती थी। तभी उनके दिमाग में एक विचार आया कि क्यों न ऐसी तकनीक ईजाद की जाए तो अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा दे और उससे कहीं भी मोबाइल चार्ज किया जा सके।

 ऐसा है पवन चार्जर

पवन चार्जर में 12 डीसी का मोटर लगाया गया है, जिसमें तीन छोटे पंखे लगे हैं। यह पवन चार्जर ट्रेन या बाइक की 20 किलोमीटर की रफ्तार से ही चार्जिंग प्रक्रिया शुरू कर देता है और गाड़ी की स्पीड 40 किमी प्रति घंटा होते ही फुल चार्जिंग पर आ जाता है। इसका पाॅवर इतना अधिक है कि इससे 6-12 वैरिएबल डीसी वोल्टेज 5 बोल्ट पर चार्ज होती है। इसलिए 6-12 वोल्ट को 5 डीसी में कन्वर्ट करने के लिए इसमें इंटीगे्रटेड सर्किट लगाया गया है। प्रियंक ने बताया कि मैं अब अपना मोबाइल चार्जर से नहीं, बल्कि बाइक चलाते हुए ‘पवन चार्जर’ चार्ज करता हूं। प्रियंक अगले वर्जन के तौर पर इसे माॅडिफाई करेंगे, ताकि इससे आईपाॅड और दूसरे गैजेट्स भी रिचार्ज हो सकें।

ट्रेन में चार्जर प्वाइंट्स सीमित

मोबाइल के बिना लंबी दूरी तय करना मुश्किल है। खासकर जब सफर में होते हैं तो गंतव्य तक पहुंचने में मोबाइल मददगार होता है, लेकिन सफर करते-करते मोबाइल डिस्चार्ज हो जाता है। ट्रेनों में चार्जर प्वाइंट्स सीमित होते हैं इसलिए कई बार यह चार्ज नहीं हो पाता, लेकिन इस पवन चार्जर को इलेक्ट्रिसिटी की जरूरत नहीं है, बल्कि जब भी आप अपनी ट्रेन की विंडो के पास बैठे, इस चार्जर को हाथ में हवा के सही डायरेक्शन में रखें और प्लग मोबाइल में कनेक्ट करें तो मोबाइल चार्ज होने लगेगा, इसमें बिजली के चार्जर के बराबर ही समय लगेगा।

 

कम्प्यूटर, मोबाइल और अन्य तकनीकी साधन हमारे दैनिक जीवन के कामकाज में इतना घुल मिल चुके हैं कि इनके बिना रोजमर्रा के जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते। हर किसी के पास आज मोबाइल है, लेकिन कई बार ऐसी नौबत आती है कि चाहकर भी मोबाइल चार्ज नहीं कर पाते, लेकिन इस ‘पवन चार्जर’ के कहीं भी मोबाइल चार्ज हो सकेगा, बस जरूरत होगी तो हवा की।

– डाॅ. सविता दीक्षित, प्रोफेसर मैनिट

साभारः पत्रिका

One comment

  1. कैसे बनता है ये।हमे व बताये

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