मधुमेह से करें मुकाबला

मधुमेह एक ऐसा रोग है, जिसके अनियंत्रित रहने से कालांतर में अनेक बीमारियां पैदा होती हैं। मौजूदा मौसम में मधुमेह ग्रस्त व्यक्तियों को कुछ विशेष सजगताएं बरतने की जरूरत है। क्या हैं ये सजगताएं..?

मधुमेह [डाइबिटीज] से ग्रस्त अनेक लोग अन्य ऋतुओं की तुलना में सर्दियों में खान-पान के मामलों में संयम नहीं बरत पाते। वे खुलकर अपने-अपने पसंदीदा व्यंजनों का लुत्फ उठाना चाहते हैं। जैसे वे किशमिश, मुनक्का, ‘चीज’, गजक, मूंगफली की पट्टी आदि खाने लगते हैं, जो उनके लिए मना है। भले ही खान-पान के संदर्भ में उनका यह अहसास बहुत अच्छा प्रतीत होता हो, लेकिन इस प्रवृत्ति के चलते उनकी रक्त शर्करा [ब्लड शुगर] के स्तर में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। परिणामस्वरूप मधुमेह संबंधी जटिलताओं का खतरा उत्पन्न हो जाता है।

शुगर बढ़ने का कारण

सर्दियों में मधुमेह ग्रस्त लोगों का ‘एच बी ए1सी’ स्तर गर्मियों की तुलना में कहीं ज्यादा बढ़ सकता है। सर्दियों में जब तापमान गिर जाता है, तो शुगर का स्तर बढ़ सकता है। मधुमेह रोगियों में चिंताजनक स्तर तक शुगर का यह स्तर बढ़ सकता है। इसका एक महत्वपूर्ण कारण इस मौसम में जीवन-शैली में बदलाव से संबंधित है। जैसे तमाम लोग ठंड के कारण सुबह कंबल व रजाइयों में ही रहना चाहते हैं। इस कारण उनका सुबह टहलना या व्यायाम करना बंद हो जाता है।

ऐसे करें नियंत्रित

* रक्त-शर्करा में होने वाले उतार-चढ़ावों को नियंत्रित करने का राज यह है कि नियमित तौर पर तीन घंटों के अंतराल पर स्वल्पाहार [स्नैक्स] ग्रहण करें। आशय यह कि मधुमेह रोगियों को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दिन में कई बार आहार ग्रहण करना चाहिए। एक नियत अंतराल पर स्नैक्स लेने से रक्त-शर्करा में होने वाले उतार-चढ़ावों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

* अत्यधिक वसायुक्त खान-पान से परहेज करें। फास्ट फूड्स ग्रहण न करें।

* भोजन में गैर मीठे फलों व सब्जियों को वरीयता दें। फलों-सब्जियों में फाइबर्स पर्याप्त मात्रा में पाये जाते हैं, जो रक्त-शर्करा को नियंत्रित करने में सहायक हैं।

* अगर आप अत्यधिक सर्दी व कोहरे के कारण सुबह टहल नहीं सकते, तो फिर शाम को सूर्यास्त से पहले टहलें।

* तकलीफ होने पर रक्त शर्करा की घर में ही ग्लूकोमीटर से जांच कर सकते हैं।

आम मान्यता के विपरीत स्वास्थ्यकर आहार का अर्थ यह नहीं है कि आपको स्वाद से समझौता करना पड़ेगा। इसका आशय सिर्फ उपयुक्त खाद्य पदार्र्थो का चयन करने से संबंधित है, जो स्वास्थ्यकर होने के साथ ही स्वादिष्ट भी हों। इन दिनों बाजार में मधुमेह रोगियों के लिए स्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थ उपलब्ध हैं।

क्या है ‘एच बी ए 1 सी’

शरीर में ‘एच बी ए 1 सी’ [ HbA1c] तब बनता है, जब रक्त में हीमोग्लोबिन, ग्लूकोज के साथ मिल जाता है। रक्त में जितना ग्लूकोज पाया जाएगा, ‘एच बी ए 1 सी’ उतना ही ज्यादा होगा। ‘एच बी ए 1 सी’ का बनना 8 से 12 हफ्तों के दौरान रक्त शर्करा पर नियंत्रण का सूचक है।

इन सुझावों पर दें ध्यान

* मधुमेह के नियंत्रण में जौ, सेम आदि फलियां, रागी, ओट्स, बीन्स, ब्राउन राइस और साबुत अनाज से बने स्नैक्स लाभप्रद होते हैं, लेकिन ध्यान रहे ये स्नैक्स सेंके हुए हों, तले हुए नहीं। ये खाद्य पदार्थ रक्त में शुगर के प्रवाह को धीमा करते हैं, जिससे रक्त शर्करा का स्तर बढ़ नहीं पाता।

* सर्दियों में किसी तरह की तकलीफ महसूस होने पर मधुमेह पीड़ितों को शीघ्र ही डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। बहुत संभव है कि डॉक्टर दवाओं की डोज बदल दे। जो लोग टाइप-1 मधुमेह से ग्रस्त हैं यानी जो व्यक्ति नियमित तौर पर इंसुलिन ले रहे हैं, उन्हें भी तकलीफ महसूस होने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

[डॉ.अनूप मिश्रा, पद्मश्री से सम्मानित सीनियर, इंडोक्राइनोलॉजिस्ट, फोर्टिस हॉस्पिटल, नई दिल्ली]

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