स्पन्दन के बारे मे

स्पन्दन की शुरुआत 1998 में कुछ युवाओं ने की। वर्ष 1999 में इसका पंजीयन हुआ।
तब से अब तक संस्था शोध, जागरुकता और कार्यक्रम क्रियान्वयन के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत है।
स्पन्दन फीचर भी इन्हीं प्रयासो का एक हिस्सा है।