सहायक प्राध्यापक मुख्य परीक्षा में अतिथि विद्वानों को आयु सीमा छूट का बहु-प्रतीक्षित फैसला

5 वर्ष तक पढ़ा चुके अतिथि विद्वान को 20 अंकों का अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा

भोपाल : 20 जुलाई, 2017

लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा में अतिथि विद्वानों को 5 वर्ष की आयु सीमा में छूट देने का बहु-प्रतीक्षित निर्णय लिया गया। गैर-अतिथि विद्वान सामान्य अभ्यर्थी को भी 3 वर्ष की छूट देने का फैसला लिया गया।उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया द्वारा मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रस्तुत अतिथि विद्वानों को आयु सीमा में विशेष छूट का प्रावधान आज स्वीकार किया गया।

प्रदेश में कार्यरत अतिथि विद्वानों की लम्बे समय से माँग चली आ रही थी कि लोक सेवा आयोग में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती परीक्षा स्थगित होने के कारण अनेक अभ्यर्थी वंचित हो जायेंगे। उनकी इस माँग को ध्यान में रखते हुए आज मंत्रि-परिषद ने निर्णय लिया कि ऐसे अतिथि विद्वान, जो मध्यप्रदेश के मूल निवासी हैं तथा जिन्होंने कम से कम 5 सत्र तक शिक्षण कार्य किया है, उन्हें अधिकतम 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट प्रदान की जाये। सामान्य वर्ग के अतिथि विद्वान अब 45 वर्ष तक सहायक प्राध्यापकों की भर्ती परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे। अनारक्षित वर्ग की महिलाएँ 50 वर्ष तक आयु सीमा में पात्रता रखेंगी। आरक्षित वर्ग के अतिथि विद्वानों को उनकी पूर्व में अनुमत आयु सीमा को आयु वृद्धि का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इसी तरह लोक सेवा आयोग के सहायक प्राध्यापक की परीक्षा में शामिल होने वाले सामान्य अभ्यर्थी, जो अतिथि विद्वान नहीं हैं, उन्हें भी आयु सीमा में 3 वर्ष की अतिरिक्त छूट देने का फैसला लिया गया है।उच्च शिक्षा मंत्री श्री पवैया ने जानकारी दी कि अतिथि विद्वानों के लिये प्रति सत्र 4 अंकों के मान से अधिकतम 20 अंकों का लाभ साक्षात्कार के पूर्ण आधार अंकों में जोड़ने की अधिसूचना पूर्व में ही जारी की जा चुकी है।

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