Wednesday , 8 July 2020
समाचार

Author Archives: Digital Seva

जैविक खेती को बढ़ावा दे किसान …

प्राचीन काल से भारतीय अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर रही है, तभी कृषि को भारतीय अर्थव्यवस्था का रीढ़ कहा व माना भी जाता हैं। वर्तमान समय की बात करें तो इस समय कामगार लोगों की संख्या का 52 प्रतिशत से भी ज्यादा भाग कृषि या इससे संबन्धित क्षेत्रों ... Read More »

कोविड-19 महामारी से पैदा भेदभाव और लांछन प्रवृत्ति के खिलाफ धर्मगुरू एकजुट होंगे

मध्यप्रदेश के धर्मगुरुओं ने आनलाईन संवाद में साझा किये अपने विचार भोपाल, 22 जून l विभिन्न पंथों के धर्मगुरु आज एक मंच पर आये l आनलाईन संवाद में धर्म-गुरूओं ने अपने विचार साझा किये l मध्यप्रदेश के विभिन्न अंचलों से लगभग 100 पंथ-प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता इस ज़ूम वेबीनार संवाद ... Read More »

ये भी हैं कोरोना विरोधी परोक्ष योद्धा !!

— डॉ अन्नपूर्णा बाजपेयी कोरोना काल के लॉकडाउन में शिक्षक विद्यालय के छात्र-छात्राओं को बखूबी पढ़ा रहे इस विपदा में जिस तन्मयता के साथ बच्चों को शिक्षा देकर उन्हें संस्कारवान , ज्ञानवान बना रहे हैं, उनके पिछड़ते हुये कोर्स को पूरा कर रहे हैं जिसके लिए वे रातों को जागकर ... Read More »

25 मई 2020 से शुरू हो रहा है नौतपा, इस बार सात दिन रहेगा असर

वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब सूर्य, रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तबसे नौतपा प्रारंभ होता है। नौतपा के इन नौ दिन तक सूर्य से तीव्र ऊर्जा निकलती है, जिससे गर्मी का प्रकोप बढ़ता है। इस बार 24 मई की रात्रि 2 बजकर 32 मिनट पर सूर्य जो है वह ... Read More »

बद्जुबानों, निर्वाचन आयोग की तो मानो

भारत के निर्वाचन आयोग को यह कदम पहले ही उठा लेना चाहिए था, इससे बदजुबानी कुछ रूकती | निर्वाचन आयोग की गिनती  यूँ तो देश की सर्वोच्च संस्थाओं में होती है, पर उसके पास कोई अधिकार है यह पहली बार पता लगा| यह अलग बात है उसकी पाबंदी के बाद ... Read More »

दुर्भाग्यपूर्ण है धार्मिक कथानकों को चुनावी संग्राम में रेखांकित करना

सहज संवाद / डा. रवीन्द्र अरजरिया चुनावी महासंग्राम में मर्यादाओं को तिलांजलि देने की होड लग गई है। कहीं अपशब्दों का प्रयोग तो कहीं मनमाना आचरण किया जा रहा है। अनेक दलों की षडयंत्रकारी योजनाओं का व्यवहारिकस्वरूप सामने आने लगा है। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों को दर-किनार करके न केवल ... Read More »

हमारे नागरिक अधिकारों पर संकट

हाल ही में हुए मतदान को लेकर उँगलियाँ उठ रही हैं | मतदान हो या अन्य कोई नागरिक अधिकार उसका संरक्षण होना चाहिए | भारत के संविधान की मूल भावना तो यही है | नागरिक अधिकार व अभिव्यक्ति की आजादी के चलते जालियांवाला बाग नरसंहार हुआ था। इसके मूल में ... Read More »

भाजपा : चिठ्ठी फर्जी हो सकती है उद्गार नहीं

भाजपा के भीतर कुछ नहीं बहुत कुछ गडबड चल रहा है | भीतर ही भीतर जो उबल रहा है, वो अब साफ बाहर दिखने लगा है. अनुशासन के लिये जाने जाने वाली पार्टी में अब वो सब भी होने लगा है जिसकी उम्मीद नही थी | अब फर्जी खतो-किताबत जैसे ... Read More »

जलियांवाला बाग : हमारे घाव ज्यों के त्यों

आज १३ अप्रैल है, आज ही के दिन  अमृतसर के जालियांवाला बाग में सैकड़ों निहत्थे लोगों की हत्या की गई थी | यह १३ अप्रैल १९१९ थी | यह घटना ब्रिटिश उपनिवेशवाद के क्रूरतम अपराधों में से एक है. औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध हमारे स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास बलिदानों की ... Read More »

नई सरकार के लिए इन मुद्दों पर दो-दो हाथ जरूरी होगा

मोदी सरकार की वापिसी हो या कोई और सरकार बने, आने वाली नई सरकार का सीधा मुकाबला जिस समस्या से होगा वो देश की बेरोजगारी है | वैसे मोदी सरकार बेरोजगारी समेत कई बुनियादी मुद्दों पर किये गये वायदे पूरे करने में सफलता के उस पैमाने को नहीं छू सकी ... Read More »