तंग कपड़ों से सावधान : बीमारियों का सैलाब लाते हैं, तंग कपड़े

     डॉ.मनोहर लाल भण्डारी, एम.बी.बी.एस.,एम.डी.

 कपड़े और त्वचा के रोग

इन दिनों कैंडिडा यीस्ट संक्रमण सर्वाधिक होने वाला त्वचा-संक्रमण है I इसमें नोंचने की हद तक खुजली होती है, यदि अनदेखा किया जाए तो यह दर्दकारी भी होता है I यह संक्रमण टाइट कपड़े पहनने से शरीर के पसीनेदार और गर्म स्थानों को अपनी चपेट में लेता है I तंग (टाइट) कपड़ों से वायु का संचरण (एयर सर्कुलेशन) कम होने से यीस्ट की संख्या में तेज गति से वृद्धि होती है I जकार्ता के आर.एस.सी.एम. की डर्मेटोलाजी क्लीनिक के त्वचा और गुप्तरोग विभाग के डॉ. ब्रेमोनो के अनुसार सभी प्रकार के तंग कपड़े अनेक तरह के त्वचारोग देने में सक्षम हैं I उनके अनुसार 15 से 45 वर्ष के लोगों में तंग या मोटे कपड़ों के कारण फंगल इन्फेक्शन होने के प्रकरण उन्होंने देखें हैं, इसका कारण है, पसीने के कारण पैदा नमी और वायुसंचार की कमी, जो फफूंद के तीव्रगति से बढ़ने की दृष्टि से अनुकूल वातावरण होता है I परिणामस्वरूप त्वचा पर सफ़ेद, भुरे या लाल चकते, या रिंगवर्म संक्रमण या केन्डीडा का संक्रमण हो जाता है I

चूंकि जींस में भारी फेब्रिक इस्तेमाल होता है, इसलिए यीस्ट का संक्रमण अत्यधिक होता है, यदि जींस को दिन के अधिक समय तक पहना जाए तो जननांगों के आसपास उत्पन्न नमी और गर्मी मिलकर यीस्ट या बैक्टीरिया के लिए बहुत अनुकूल वातावरण का निर्माण कर देते हैं I इस तरह के संक्रमण के कारण मूत्र विसर्जन और सम्भोग कष्टकारी हो जाता है और सफेद पानी की शिकायत हो जाती है I स्किनी जींस या तंग वस्त्रों के कारण फोलिकुलाइटिस, जांघ और अंडकोष में फुंसियां, डर्मेटोफाइटोसिस, ददोड़े होना, त्वचा में छालें आदि रोग सम्भव हैं I

पेटदर्द और आमाशय में छालें

यदि कपड़े इतने तंग हैं कि वे हमारे पेट (आमाशय या स्टोमक) को जकड़ लेते हैं तो वे हमारी उदरगुहा (एब्डोमेन) पर अत्यधिक दबाव डालते हैं, परिणामस्वरूप दर्द के अलावा आमाशय का हायड्रोक्लोरिक एसिड अन्नवाहिनी में चढ़ने लगता है, जिसे मेडिकल की भाषा में गेस्ट्रो इसोफेजियल रिफ्लक्स कहते हैं, जिसके कारण छाती में जलन होने लगती है I इसे सामान्यत: अम्लता (एसिडिटी) कहते हैं, जो अधिक दिनों तक रहे तो पेट में छालों के रूप में प्रकट हो जाती है I इसीतरह चूंकि हमारे पाचन की क्रियाएं आंतों की गति पर निर्भर करती है, तंग कपड़ों के कारण गति भी प्रभावित होती है, इसलिए पाचन क्रिया भी मंद हो जाती है I तंग कपड़ों के चलते आमाशय पर दबाव पड़ने से उदर में वायु, डकार आदि की तकलीफें सम्भव हैं I अमेरिकी इंटरनिस्ट इन स्टेमफोर्ड, डॉ.आक्टेवियो बेस्सा के अनुसार तंग कपड़ों से आँतों की गति प्रभावित होती है, जिसके कारण भोजन के दो तीन घंटे बाद पेटदर्द होने लगता है I

 

ढीले शर्ट के आगे पस्त हुए, हार्वर्ड के चिकित्सा महारथी

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल का एक रोचक किस्सा है I पचपन साल के एक व्यक्ति को सिरदर्द, आंखों से धुंधला दिखना और सीधे कान में झुनझुनी की शिकायत थी I हार्वर्ड के सुपर स्पेशियलिस्ट उसकी बीमारी का निदान नहीं कर पाए I तकलीफें बढ़ती गईं, उसने मेयो क्लीनिक के महारथियों को दिखाया, लन्दन के प्रसिद्ध चिकित्सकों ने भी बहुत हाथ पैर मारे परन्तु न तो निदान हुआ और न ही उपचार I

कुछ सालों बाद उसे एक सम्मलेन के चक्कर में अटलान्टिक सिटी में जाना पड़ा I संयोग से वह पर्याप्त कपड़े नहीं ला पाया था, अत: वह एक सामान्य सी दूकान में शर्ट खरीदने पहुंचा I उसने पन्द्रह नम्बर की शर्ट मांगी, परन्तु सेल्समैन ने उसे सोलह नम्बर की शर्ट खरीदने का सुझाव दिया, जो उस व्यक्ति को बेहद नागवार लगा I उसने सेल्समैन से कहा, जब तुम चड्डी पहनते थे, तब से मैं पंद्रह नम्बर की शर्ट खरीद रहा हूं, मुझे मत सिखाओ I

तब उसने जो जवाब दिया, वह उस व्यक्ति के लिए बेहद चौंकाने वाला था, उसने कहा कि यदि आप सिरदर्द, आंखों से धुंधला दिखना आदि से ग्रस्त होना चाहते हैं तो मैं क्या कर सकता हूं I

अपनी आपबीती एक साधारण से व्यक्ति से सुन उसे आश्चर्य तो हुआ परन्तु उसने सेल्समैन की बात मान ली, और कमाल की बात यह हुई कि उसकी सारी तकलीफें एक अदद सोलह नम्बर के ढीले शर्ट ने एक झटके में समाप्त कर दी I

मूर्छा (फैन्टिंग)

यदि नियमित रूप से टाइट कपड़े पहनेंगे तो घुटन और श्वास की समस्या हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप चक्कर, घबराहट और अन्तत: फैन्टिंग हो सकता है I तरुणों और युवाओं में, खासकर युवतियों में यह समस्या बहुधा देखने में आती है I

पीठ का दर्द

चिकित्सकों के अनुसार तंग कपड़ों के कारण कुल्हे की गति भी प्रभावित होती है I इसके साथ साथ संधि के केप्सूल (जॉइंट केप्सूल) में खिंचाव आता है I टाइट पैन्ट्स के कारण एक विशेष स्थिति में चलना पड़ता है, जिसके कारण मेरुदंड पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है I

इन दिनों युवाओं में लो वेस्ट टाइट जींस पहनने का चलन बढ़ा है, परन्तु यह हमारी पीठ के लिए अनुकूल नहीं है I जींस हमारी पीठ की मांसपेशियों को दबाती हैं और कुल्हे की तमाम गतियां (हिप मूवमेंट्स) बाधित (रेस्ट्रिक्ट्स) हो जाती हैं I इसके अतिरिक्त मेरुदंड (स्पाइन) और पीठ पर भी दबाव पड़ता है, जिसके चलते पीठ दर्द, पीठ में फुंसियां, पेट में जलन, सिरदर्द तथा दृष्टि में धुंधलापन सम्भव हैं I

 वेरिकोज वेंस

कमर या जांघ के ऊपरी हिस्से में पहना गया तंग वस्त्र पहले से मौजूद वेरिकोज वेंस की समस्या को बढ़ा सकता है और नई समस्या खड़ी करने में भी सक्षम है I

 पेरास्थेशिया और टिन्ग्लिंग थाई सिन्ड्रोम

ओंटारियो (कनाडा) के डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के डॉ.माल्विंदर ने केनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल में बताया है कि तंग जींस के कारण इस रोग से ग्रस्त पर्याप्त रोगी उनके पास उपचार के लिए आते हैं I इस रोग में जलन, झुनझुनी और चींटियां चलने का अहसास होता है I उपचार के तहत वे उन्हें सभी प्रकार के टाइट कपड़ों से दूर रहने की सलाह देते हैं I

तंग कपड़ों से हमारी जांघों की तंत्रिका (नर्व) में गड़बड़ी हो जाती है, जिसके कारण टिन्ग्लिंग थाई सिन्ड्रोम हो जाता है, इस रोग को मेडिकल की भाषा में मेराल्जिया पेरेस्थेटिका के नाम से जाना जाता है I वास्तव में टाइट जींस जांघ की संवेदनाओं (स्पर्श, दर्द, जलन, चुभन, मच्छर या को मस्तिष्क तक ले जाने वाली तंत्रिका को दबाती है, जिसके कारण झुनझुनी, चींटियां चलना और जलन होने लगती है I न्यूजर्सी की डॉ.जेनिफर इष्टान, जो कि सी.बी.एस. न्यूज़ की मेडिकल संवाददाता है, ने बताया कि जो लोग स्किन टाइट जींस पहनते हैं, वे वास्तव में स्वास्थ्य समस्या से मुखातिब हो रहे हैं I उनका कहना है कि जांघ के ऊपरी भाग से निकलकर पुट्ठों तथा जांघों तक जाने वाली फिमोरल क्यूटेनियस नामक तंत्रिका टाइट जींस से वैसे ही दब जाती है, जैसे हम बगीचे के पाइप पर पैर रख दें तो जल का प्रवाह रुक जाता है, इसीकारण से टिन्ग्लिंग थाई सिन्ड्रोम हो जाता है I इस पर भी यदि आपने ऊंची एड़ी (stiletto heels) की पादुकाएं धारण कर ली तो पेल्विस और आगे झुक जाती है, यानी तकलीफ का बढ़ना तय है I

न्यूयार्क स्थित प्रेसबिटेरियन होस्पिटल के वास्कुलर सर्जन डॉ. निकोलस मोरिस्से ने जब अपने मेडिकल सेन्टर में आई एक पंद्रह वर्षीय लड़की को लगातार हो रहे पेट दर्द तथा जांघों में हो रही झुनझुनी, जलन और अजीब से दर्द से पीड़ित देखा, तो वे हतप्रभ रह गए I क्योंकि इतनी कम उम्र में इस बीमारी का होना असम्भव सा था I गहन जांच के बाद पता चला कि स्किन टाइट जींस के कारण उसे मेराल्जिया पेरेस्थेटिका नामक रोग ने अपना शिकार बना लिया था I उनका स्पष्ट कहना है कि “वस्त्र इसलिए नहीं होते हैं कि वे आपके शरीर को वह आकार दें, जो आपके पास नहीं है और जो लोगों को रोग और तकलीफें दें I” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “इससे सेन्सरी नर्व स्थायीरूप से नष्ट (डेमेज) हो सकती है I”

रश यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर, शिकागो के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ.जॉन मिचेअल ली के अनुसार तंग कपड़ों के चलते लोग “टाइट पैन्ट्स सिन्ड्रोम” के शिकार हो जाते हैं और पेटदर्द, पेट में असहजता, डकार, सीने में जलन आदि की चपेट में आ जाते हैं I कंजूमर रिपोर्ट्स की मेडिकल एडवाइजर डॉ. ओरली अविज़ुर के मुताबिक़ तंग कपड़ों के कारण होने वाली ये सामान्य समस्या है I

विशेष टिप्पणी : उपरोक्त सारे शोध उन देशों में सम्पन्न हुए हैं, जहां का मौसम ठण्डा रहता है, जहां सूर्य भगवान बमुश्किल दो सौ दिन ही दर्शन देते हैं, शेष दिनों में उनके दर्शन के लिए लोग तरसते हैं और इसी के चलते वहां एक दूसरे को गुड मॉर्निंग कहकर सूर्यदर्शन की शुभकामना देने की प्रथा प्रचलित है I जबकि हमारा देश गर्म भी है और लोक जीवन को पसीना – पसीना करने वाले भगवान भास्कर प्रतिदिन बिना गुड मॉर्निंग के ही अनायास प्रकट हो जाते हैं I ऐसे में स्किन टाइट जींस और अन्य तंग कपड़े बेचारे अंगों पर क्या क्या कहर बरपाते ढाते होंगे, अकल्पनीय है I

यकीन मानिए, जब भी आप अपनी मातृभाषा को घर निकाला देकर, किसी विदेशी भाषा को अपने घर में महारानी बनाकर प्रतिष्ठित करेंगे, तो उस देश की परम्पराएं भी आपके भीतर लालसा और लालच बनकर आपके ऊपर सवारी करेगी और आप खुशी खुशी तथा गौरव के साथ उसका बोझ आजीवन ढ़ोते रहेंगे I

ह्रदय से आभार

  • विज्ञान के प्रकाश में आपने इसे पढ़ा, आपका आभार I उचित समझें तो अपने इष्ट मित्रों को अग्रेषित करें I सुझाव अवश्य भेजें I
  • चित्र एवं समस्त सामग्री इंटरनेट और पुस्तकों से जनहितार्थ ली हैं, सभी संबंधितों को दिल की गहराइयों से धन्यवाद I

 सन्दर्भ

  • Effects of Wearing Skin Tight Clothes – Be Cautious with Fashion Wears
  • Health and safety hazards of Neck Tie.
  • Beware! Tight Clothes Causing….
  • Health risk associated with wearing too tight fitting clothes…
  • The Tight Pants Syndrome! By Dr. W. Gifford Jones
  • Are skinny jeans bad for your health?
  • Effects of Wearing Skin Tight Clothes – Be Cautious with Fashion Wears
  • Tight trousers and belts damage human reproductive function
  • Disadvantages of wearing tight jean
  • Tight Fit is Not Fit for Health
  • Clothes too tight, body puts up a fight
  • Boxer shorts and loose pants can boost sperm count.
  • Squeezing Into Your Clothes Can Cause Health Issues, Doctors Warn
  • Can tight clothes hurt you? Some physicians say yes
  • Don’t dress to death – Too tight is BAD
  • Check those leggings out…WOW!
  • The health risks of too-tight fashion
  • Wear loose fitting clothing
  • The effects of skin pressure by clothing on circadian rhythms of core temperature and salivary melatonin.Chronobiol Int. 2000 Nov;17(6):783-93.)
  • How bras are linked to breast cancer
  • Your prescription 4 health articles ban the bra, part 3
  • In 2000, in a British study women were instructed to go bra-free for three months.

 

हार्वर्ड के डॉ. डब्ल्यू. गिल्फोर्ड जोंस, (W. Gifford-Jones M.D) की नीचे लिखी टिप्पणी अवश्य पढ़ें I

 

(Dr. Walkins suggests that tight neckwear constricts the arteries and decreases the flow of oxygenated blood to the brain and sensory organs of the head.

I’m sure that neither Dr Bessa’s nor Dr. Watkins’ research will win the Nobel Prize in Medicine. But I hope these researchers will continue to explore the effects of tightness. We’ve all seen males whose shirts are so tight they have red faces and eyes that seem to be protruding from their heads.

It’s food for thought if such constriction causes more than visual defects. Maybe constant pressure around the neck should be studied for possible injury to the carotid arteries. This may set the stage for atherosclerosis, and subsequent blood clot and stroke. Or does the decreased oxygen supply trigger Alzheimer’s disease? Maybe it even causes that tingling sensation in the right ear!

I for one am eternally grateful to Dr. Watkins. I’m often asked if I’ve lost weight and should see a doctor even though I haven’t changed an ounce in 20 years. It’s because I’ve also hated tight shirts. Now I tell critics to read Dr. Watkins’ research!)

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