आलेख

प्लास्टिक कचरे से उपयोगी उत्पाद बनाने की नई तकनीक

सुंदरराजन पद्मनाभन Twitter handle: @ndpsr नई दिल्ली, 14 जून (इंडिया साइंस वायर) : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(आईआईटी), रुड़की के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जिसका उपयोगआम लोग भी प्लास्टिक कचरे से ईंट तथा टाइल जैसे उपयोगी उत्पाद बनाने में कर सकते हैं। इस तकनीक को विकसित करने वाले ... Read More »

भारतीय शास्त्रीय संगीत की सूक्ष्मजीववैज्ञानिक उपयोगिता

डॉ. शुभ्रता मिश्रा प्रकृति में झींगुरों, पक्षियों, पशुओं की संगीतमय ध्वनियों से लेकर विश्व की किसी भी मानवीय सभ्यता तथा संस्कृति में प्रयुक्त होने वाली सांगितिक प्रक्रियाओं तक सृष्टि की संवेदना का प्रतीक संगीत अपने विशुद्ध स्वरुप में प्रत्येक जीव की आत्मा के स्वर का प्रतिनिधित्व करता है। भारतीय शास्त्रीय ... Read More »

महिलाओं के अनुकूल कृषि मशीनीकरण की नई पहल

शुभ्रता मिश्रा देश के कुल कृषि श्रमिकों की आबादी में करीब 37 प्रतिशत महिलाएं हैं। लेकिन, खेतीबाड़ी में उपयोग होने वाले ज्यादातर औजार, उपकरण और मशीनें पुरुषों के लिए ही बनाए जाते हैं। अधिकतर उपकरण महिलाओं की कार्यक्षमता के अनुकूल नहीं होते हैं। वैज्ञानिकों द्वारा महिलाओं के अनुकूल उपकरण और ... Read More »

जीवन की गाड़ी का शाक-एब्जर्बर कितना मजबूत है !

पहले कल्पेश जी की खुदकुशी की सूचना मिली, फिर हजारीबाग में एक व्यवसायी परिवार के छह सदस्यों के एक साथ खुदकुशी की खबर आयी, पहले भी किसी आइएएस, किसी अधिकारी, किसी नेता की खुदकुशी की खबरें हम सुनते-जानते रहे हैं. भैय्यूजी महाराज जैसे आध्यात्मिक गुरु और कलिखो पुल जैसे बड़े ... Read More »

बिहार में चिंताजनक है भूमिगत जल स्तर की स्थिति

उमाशंकर मिश्र Twitter : @usm_1984@ नई दिल्ली, 10 जुलाई (इंडिया साइंस वायर):बिहार के कई जिलों में भूमिगत जल स्तर की स्थिति पिछले 30 सालों में चिंताजनक हो गई है। कुछ जिलों में भूजल स्तर दो से तीन मीटर तक गिर गया है। एक ताजा अध्ययन के अनुसार, भूजल में इस ... Read More »

वर्तमान शिक्षा तंत्र की कमियां

डॉ. अंशुल उपाध्याय  समय का चक्र अब फिर तेजी से घूम रहा है ।जहां एक ओर भारत जैसे विकासशील देश में युवा शक्ति से अत्यधिक अपेक्षाये की जा रही है। वही दूसरी तरफ भारत में बालकों और युवाओं की शिक्षा में गुणवत्ता वृद्धि हेतु तनिक भी प्रयास नही किये जा ... Read More »

राजनीति को राजनीति की भाषा में भाषा का पाठ पढ़ाने का उचित समय

विनोद बब्बर किसे याद न होगा आज से लगभग पांच वर्ष पूर्व उस समय  भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान में केन्द्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘एक समय भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। आधुनिकता की चकाचौंध में सबकुछ खो गया है। मैं कहना चाहता हूं कि सबसे ... Read More »

देश के कल्याण के लिए नेक इंसान बनना जरूरी

अंशुल उपाध्याय हम एक कट्टर देशभक्त है। पर देश से बढ़कर हम विश्व और विश्व से बढ़कर इंसानियत को महत्व देते है। कुछ दिन पहले कुछ सज्जनों से हमने सुना कि, भारत के लोग पाश्चमि सभ्यता की तरफ भाग रहे है। मोबाइल,पे सारा दिन जाने क्या क्या देखते है। संस्कारो ... Read More »

सहानुभूति पूर्ण व्यवहार विक्षिप्त व्यक्तियों को मुख्य धारा से जोड सकता है

सहज संवाद डा. रवीन्द्र अरजरिया समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्यों के लिए समर्पित व्यक्तियों को सम्मानित करने के लिए सरकारों ने विभिन्न पुरस्कारों की व्यवस्था की है ताकि समर्पित भावनाओं को प्रेरणास्रोत बनाकर देश का विकास किया जा सके। यह क्रम अनादि काल से चला आ रहा है। ... Read More »

आदमी की नीयत – हजार मुखौटे !

रितु शर्मा चिलचिलाती धूप में एक पेड़ की छांव तले बने प्याऊ मानवीय करुणा के प्रतीक से कम नहीं, लेकिन पीने के गिलासों को चेन में बँधा देखकर हैरानी होती है. शायद ठीक भी होगा, क्योंकि आदमी की नीयत का क्या भरोसा, पानी पीने के बाद बर्तन भी साथ रख ... Read More »