आलेख

आज भी प्रासांगिक हैं संदर्भ-ग्रंथ और शोध-पत्रिकायें

सहज संवाद  / डा. रवीन्द्र अरजरिया आधुनिक युग में पुस्तकों, संदर्भ-ग्रंथों और शोध-पत्रिकाओं का नितांत अभाव होता जा रहा है। विकल्प के रूप में नेट का प्रचलन निरंतर तेज होता जा रहा है। ऐसे में संकलित सामग्री की प्रमाणिकता पर अनेक प्रश्नचिन्ह अंकित होन लगे है। अपुष्ट सूत्रों से जुटाई ... Read More »

जेडीएस और कांग्रेस गठबंधन की राह नही आसान

कृष्णमोहन झा कर्नाटक में 12 मई को विधानसभा के लिए चुनाव संपन्न हुए। 15 मई को चुनाव परिणाम की घोषणा हुई और 104 सीटें जीतकर भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई। पार्टी ने बीएस येदियुरप्पा को सर्वसम्पति से विधायक दल का नेता चुना और राज्यपाल वाजुवाला ने ... Read More »

नींबू-वंशीय फल चकोतरा में मिले मधुमेह-रोधी तत्व

उमाशंकर मिश्र Twitter handle : @usm_1984 भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक ताजा शोध में नींबू-वंशीय फल चकोतरा में नरिंगिन नामक तत्व की पहचान की गई है, जो रक्त में उच्च ग्लूकोज स्तर (हाई ब्लड शुगर) के लिए जिम्मेदार एंजाइम को नियंत्रित करने में उपयोगी हो सकता है। इस अध्ययन ... Read More »

भारतीय गणितज्ञ, जिन्होंने आइंस्टीन के सिद्धांत का किया सरलीकरण

23 मई को गणितज्ञ प्रहलाद चुन्नीलाल वैद्य की जन्मशती पर विशेष फीचर नवनीत कुमार गुप्ता @NavneetkumarGu8 प्रसिद्ध भारतीय भौतिक विज्ञानी, गणितज्ञ और शिक्षाविद प्रहलाद चुन्नीलाल वैद्य का गणित के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान है। सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत में योगदान के लिए उन्हें खासतौर पर याद किया ... Read More »

इन्हें लोकतंत्र नहीं, बल्कि धर्मांतरण खतरे में दिख रहा है…

प्रियंका कौशल छत्तीसगढ़ का पूरा आदिवासी इलाका धर्मांतरण की चपेट में हैं। जशपुर जाइए तो काले पुते घरों को देखकर पता चलता है कि इन सबने धर्म परिवर्तन कर लिया है। स्थानीय चर्च धर्मांतरित लोगों के घरों को काले रंग से इसलिए पुतवा रही है, ताकि गांवों में घुसतेे ही ... Read More »

भारत की सुरक्षा कश्मीर के सन्दर्भ में

डा. अंशुल उपाध्याय भारत एक लोकत्रांतरिक गणराज्य है। 1947 से अब तक भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर को लेकर तनातनी चल रही है। अगर कश्मीर का इतिहास देखा जाये तो कश्मीर में पहले हिंदू राजाओं का शाशन था। परंतु 326 ईसा पूर्व सिकंदर के झेलम नदी को पार करके ... Read More »

भारतीय राजनीति में चर्च का अनुचित हस्तक्षेप

राष्ट्रवाद, पंथनिरपेक्षता और लोकतंत्र पर चर्च का हमला – लोकेन्द्र सिंह यह विचार करने की बात है कि चर्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी की सरकार से क्या दिक्कत हो रही है कि पादरियों ने सियासी पत्राचार प्रारंभ कर दिया है। ईसाई संप्रदाय में प्रमुख स्थान रखने ... Read More »

आध्यात्मिक प्रसांगिकता के गूढ अर्थों को समेटे“मधुशाला”

सहज संवाद / डा. रवीन्द्र अरजरिया साहित्य के माध्यम से विचार परिवर्तन की दिशा में प्रेरक कार्य करना सहज नहीं होता और यही असहज कार्य पद्म भूषण हरिवंशराय बच्चन ने अपने जीवन काल में शुरू किया था जो उनके देहावसान के बाद भी निरंतर चल रहा है। उनके 24 कविता ... Read More »

भारत में भाषा का मसला

विजयलक्ष्‍मी जैन matrubhashahindi@gmail.com कुछ विद्वतजनों की मान्यता है कि हिन्दी भाषा को भारत में देशव्यापी भाषा बनाने का श्रेय हिन्दी फिल्मों को जाता है। फिल्मी दुनिया की अधिकांशतः अतिभौतिकता, अनैतिकता और भारत में पाश्चात्य लंपटता के विस्तार में अग्रणी भूमिका होने के बावजूद कुछ हद तक इस विचार को स्वीकार ... Read More »

कश्मीर की कहानी : कोटा रानी

सोनाली मिश्र जब भी हम इतिहास के पन्ने खोलते हैं, और खास तौर पर कश्मीरी इतिहास के, तो हमें इतिहास वहीं से दिखाई देता है जहाँ से कश्मीर के फारसी इतिहासकारों ने लिखा, और जहाँ से इस्लाम का महिमामंडन था, इतिहास के वे पन्ने कहाँ हैं, जब इन आक्रमणकारियों के ... Read More »