फीचर्स

मीडिया चौपाल से मीडिया महोत्सव : संचारकों के सशक्तिकरण की कवायद

डा. अनिल सौमित्र इस लिंक पर जाकर पंजीयन करें – https://goo.gl/forms/YLOOCvNgTzMe5Rd03 “मीडिया महोत्सव – 2018” का आयोजन 31 मार्च-01 अप्रैल, 2018 (चैत्र पूर्णिमा- वैशाख कृष्ण प्रथमा, विक्रम संवत 2075) को भोपाल (मध्यप्रदेश, भारत) स्थित ‘मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् परिसर में होगा l मीडिया महोत्सव दो दिवसीय और लगभग 8 ... Read More »

पर्यावरण सुरक्षा में महिलाओं की भूमिका

अन्नपूर्णा बाजपेयी सर्वप्रथम हम अपनी संस्कृति पर दृष्टिपात करें और सामाजिक प्रथाओं और रीति-रिवाजों को देखें तो यह पता चलता है कि प्राचीन काल से ही महिलाएँ पर्यावरण-संरक्षण के प्रति जागरुक रही हैं, जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण आज भी महिलाओं द्वारा व्रत-त्यौहार के अवसर पर या यूँ ही प्रतिदिन के क्रियाकलापों ... Read More »

भोपाल में मीडिया महोत्सव का आयोजन : पंजीयन प्रारम्भ

चौपालियों का मीडिया उत्सव : मीडिया महोत्सव 31 मार्च और 01 अप्रैल को भोपाल में होगा मीडिया और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े दिग्गजों का जुटान l सहभागिता के लिए पंजीयन करें – https://docs.google.com/forms/d/14a5DF8faD4SJ71kN3TgUoZcRaB2yS3WRZMwFaiaBi10/prefill भोपाल l  मीडिया जगत की स्थितियों से आप सुपरिचित हैं l मीडिया और समाज के संबंधों की ... Read More »

शिवदयाल से डॉ- प्रीति प्रवीण खरे की बातचीत

‘अलग–अलग विधाओं में लिखकर मैं अपने व्यक्ति और रचनाकार की बहुमुखता और बहुवचनता की रक्षा ही करता हूँ।’               कोई भी लेखक या साहित्यकार समाज को केन्द्र में रखे बगैर कोई सृजन नही कर सकता है वह स्वान्तः सुखाय भी लिख रहा है तो भी कहीं न कहीं प्रत्यक्ष और ... Read More »

नहीं रहे भारतीय पत्रकारिता के महत्वपूर्ण स्तम्भ त्रिखा जी ….

वरिष्ठ पत्रकार हमारे गुरू आचार्य त्रिखा नहीं रहे : वे और उनका जीवन पाठशाला की तरह थे नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्‍ट्स (इंडिया) के पूर्व राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और नवभारत टाइम्‍स के पूर्व स्थानीय संपादक डॉ. नंदकिशोर त्रिखा का सोमवार को नई दिल्‍ली स्‍थित एम्‍स में निधन हो गया।  वे 80 की ... Read More »

नदी – एक व्यथा

श्वेता रानी सुबह से ही गली में काफी चहल-पहल हो रही है l नगरपालिका अतिक्रमण हटाने के काम पर लगी हैए तो कहीं मैं भी उसे अतिक्रमण ना दिखूं l मैं कुछ बोल नहीं सकती और मेरी दुर्दशा की वजह से लोग मुझे पहचान नहीं पाते हैं l पिछले शाम ... Read More »

जब खुलने लगे आनुवांशिक कोड में छिपे जीवन के रहस्य

….आनुवांशिक इंजीनियरिंग के अग्रणी वैज्ञानिक डॉ. हरगोविंद खुराना के जन्मदिवस 9, जनवरी पर विशेष फीचर  नवनीत कुमार गुप्ता (इंडिया साइंस वायर) : जीवों के रंग-रूप और संरचना को निर्धारित करने में आनुवांशिक कोड की भूमिका अहम होती है। इसकी जानकारी मिल जाए तो बीमारियों से लड़ना आसान हो जाता है। ... Read More »

सुधार अंदर से ही होता है

     – विजय कुमार, दुनिया का कोई भी धर्म, मत, पंथ, सम्प्रदाय, मजहब, समाज, संस्था या संगठन ऐसा नहीं है, जिसमें समय के अनुसार कुछ सुधार या परिवर्तन न हुआ हो। कुछ में यह स्वाभाविक रूप से हुआ, तो कुछ में भारी खून खराबे के बाद। स्थिरता और जड़ता मृत्यु ... Read More »

तकनीक और संस्कार बनें सुरक्षा कवच

-ऋतुपर्ण दवे rituparndave@gmail.com चिंता यह नहीं कि पाक की नापाक हरकतें जब-तब हमें झकझोर कर रख देती हैं या चीन की बदनीयती काफी देर से पता चलती हैं बल्कि यह भी कि खुफिया एजेंसियां कैसे इन सबसे अंजान रहती हैं, नाकाम होती हैं? सांप निकल जाने के बाद लकड़ी पीटते ... Read More »

संख्याओं के जादूगर से जुड़ा गणित का एक उत्सव

उमाशंकर मिश्र Twitter handle : @usm_1984  दुनिया में जहां भी संख्याओं पर आधारित खोजों एवं विकास की बात होती है तो भारत की गणितीय परंपरा को सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया जाता है। भारत में हुई शून्य एवं दशमलव जैसी बुनियादी गणितीय खोजें इसका महत्वपूर्ण कारण मानी जाती हैं। इन मूलभूत खोजों ... Read More »