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साक्षात्कार

‘‘हिन्दी भाषा के संरक्षण में रंगमंच एक सशक्त माध्यम’’

श्री देवेन्द्र राज ‘अंकुर’ से डॉ. प्रीतिप्रवीण खरे की बातचीत….. राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल के साथ, आधुनिक भारतीय रंगमंच में एक नई विधा ‘कहानी का रंगमंच’ के प्रणेता हैं, देवेन्द्र राज अंकुर। विभिन्न संस्थानों एवं रंगमंडलों के साथ अब तक 500 से अधिक कहानियों, 20 उपन्यासों और 60 से अधिक ... Read More »

शिवदयाल से डॉ- प्रीति प्रवीण खरे की बातचीत

‘अलग–अलग विधाओं में लिखकर मैं अपने व्यक्ति और रचनाकार की बहुमुखता और बहुवचनता की रक्षा ही करता हूँ।’               कोई भी लेखक या साहित्यकार समाज को केन्द्र में रखे बगैर कोई सृजन नही कर सकता है वह स्वान्तः सुखाय भी लिख रहा है तो भी कहीं न कहीं प्रत्यक्ष और ... Read More »

अयोध्या मसले पर वामपंथी इतिहासकारों ने मुसलमानों को गुमराह किया – के.के. मुहम्मद

  प्रसिद्ध पुरातत्ववेत्ता और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर) श्री के.के. मुहम्मद जी 1978 में डॉ. बी.बी. लाल की अगुआई वाली उस टीम के सदस्य थे, जिसने अयोध्या में उत्खनन किया था। श्री मुहम्मद साक्ष्यों के आधार पर पुरजोर तरीके से कहते आ रहे हैं कि अयोध्या ... Read More »

विदेशी इशारे पर परमाणु अनुसंधान केंद्र का विरोध

 परमाणु वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोडकर से खास बातचीत    दक्षिण भारत के कुडमकुलम में परमाणु अनुसंधान केंद्र के बाद मध्यप्रदेश के मंडला जिले में बन रहे केंद्र के विरोध के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ हो सकता है। ऐसी आशंका है, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र मुंबई के पूर्व अध्यक्ष एवं ... Read More »

साक्षात्‍कार / देश को असली विपक्ष चाहिए : गोविन्‍दाचार्य

श्री के.एन. गोविन्दाचार्य की गिनती जहां एक ओर देश के तेज-तर्रार राजनीतिज्ञों में की जाती है, तो वहीं उनकी छवि एक चिंतक, विचारक एवं आंदोलनकारी की भी है। दलगत राजनीति से मुक्त होने के बाद उन्होंने सामाजिक जीवन के विविध क्षेत्रों में अपनी छाप छोड़ी है। पिछले दिनों भारतीय पक्ष की ... Read More »

सकारात्मक एवं रचनात्मक अवधारणाएं ही समाज को नई दिशा नए आयाम देती है

डा. स्वाति तिवारी प्रख्यात कहानीकार डॉ. स्वाति तिवारी की कहािनयाँ एक व्यापक फलक पर बदलती हई दुनिया में स्त्री के निरन्तर और परिवर्तनकारी सघंर्ष को सार्थक स्वर और दिशा देती दिखाई देती हैं। उनकी लेखनी के आधार वही साधारण लोग है, जिन्हें आम लोग कहा जाता हैं। स्वाति तिवारी की ... Read More »

खगोल विद्वानों की देन है संचार क्रांति: नार्लीकर

– अरविंद कुमार वाराणसी। अंतरिक्ष को हम नजदीक से जितना भी देख रहे हैं, वह खगोल विज्ञान की देन है। खगोल विज्ञान के कारण ही अंतरिक्ष में विनाशकारी ग्रहों, उपग्रहों का पड़ताल कर उससे विश्व को संरक्षित करने के लिए वैज्ञानिक कार्य कर रहे हैं। खगोल विज्ञान के जरिए ही ... Read More »