राजनीति

बद्जुबानों, निर्वाचन आयोग की तो मानो

भारत के निर्वाचन आयोग को यह कदम पहले ही उठा लेना चाहिए था, इससे बदजुबानी कुछ रूकती | निर्वाचन आयोग की गिनती  यूँ तो देश की सर्वोच्च संस्थाओं में होती है, पर उसके पास कोई अधिकार है यह पहली बार पता लगा| यह अलग बात है उसकी पाबंदी के बाद ... Read More »

नई सरकार के लिए इन मुद्दों पर दो-दो हाथ जरूरी होगा

मोदी सरकार की वापिसी हो या कोई और सरकार बने, आने वाली नई सरकार का सीधा मुकाबला जिस समस्या से होगा वो देश की बेरोजगारी है | वैसे मोदी सरकार बेरोजगारी समेत कई बुनियादी मुद्दों पर किये गये वायदे पूरे करने में सफलता के उस पैमाने को नहीं छू सकी ... Read More »

मोदी : जिसने अपने लिए कुछ नहीं किया, उसके लिए कुछ करने का वक्त

एक सामान्य किन्तु समझदार गृहिणी रंजना सिंह की अपील गहन असमंजस से भरा वह समय जब यह निश्चित नहीं था कि दलाध्यक्ष बाहर आकर उद्घोषणा कर पाएँगे कि नहीं कि उक्त दल का प्रधानमंत्री उम्मीदवार वह व्यक्ति होगा जिसे पिछले 2 दशकों से मीडिया बुद्धिजीवियों और विपक्षियों ने राक्षस हत्यारा ... Read More »

मध्य प्रदेश : गढ़ाकोटा वाले गोपाल भार्गव बने नेता प्रतिपक्ष, लगातार 8 बार से हैं बीजेपी के विधायक

स्पंदन फीचर्स की ख़बर पर मुहर गोपाल भार्गव को नेता प्रतिपक्ष की कमान पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने दिया नाम का प्रस्ताव नरोत्तम मिश्रा और राजेंद्र शुक्ल भी थे दावेदार भोपाल: मध्य प्रदेश में बीजेपी के दिग्गज नेता गोपाल भार्गव नेता प्रतिपक्ष पद के लिए चुन लिए गए। भोपाल में केन्द्रीय ... Read More »

मंत्रिमंडल को लेकर एंटनी, नाथ व सिंधिया के बीच होगा नामों का फैसला

एंटनी, नाथ और सिंधिया कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलेंगे और उनसे चर्चा के बाद मंत्रिमंडल का अनुमोदन करवा लिया जाएगा। मुख्यमंत्री नाथ ने भी इस बात के संकेत दिए हैं कि अभी मंत्रिमंडल के गठन की कोई जल्दी नहीं, अभी एक दो दिन का समय हमारे पास ... Read More »

प्रभु राम सबके है

 – डाॅ. शशि तिवारी मूलतः हम सब धर्म भीरु ही होते है फर्क इतना है कुछ मानते है कुछ नही मानते। लेकिन दिखाते है, लेकिन होते है, उनकी न में भी गहराई मैं हाँ ही होती है भक्त भक्ति के माध्यम से ही अध्यात्मिक शक्ति को प्राप्त करता है। मनोविज्ञान ... Read More »

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 : खंडित होती राजनीतिक धारणाएं !

डा. अनिल सौमित्र 28 नवम्बर को मतदान के बाद अनेक बातों पर पूर्ण विराम नहीं, लेकिन विराम लग गया l मतदान के पूर्व राजनीतिक दल संघर्ष और परिश्रम में व्यस्त थे, तो बाद में सावधानी और सतर्कता में तल्लीन l मध्यप्रदेश के इस चुनाव ने भारत के लोकतंत्र को और ... Read More »