यूथ समिट में मुख्यमंत्री चौहान ने युवाओं का किया आव्हान

युवा सार्थक जीवन लक्ष्य बनायें : ठान ले तो कुछ भी असंभव नहीं

भोपाल : 8 सितम्बर, 2017

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना का लाभ इस वर्ष चिन्हित शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश लेने वाले वे विद्यार्थी भी ले सकेंगे, जिन्होंने 12वीं परीक्षा पूर्व के वर्षों में 75 प्रतिशत से अधिक अंकों से उत्तीर्ण की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहां बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के ज्ञान-विज्ञान भवन में आयोजित यूथ समिट को संबोधित कर रहे थे। इंडिया माइंड रॉक यूथ समिट का आयोजन इंडिया टुडे द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में सहकारिता राज्य मंत्री श्री विश्वास सारंग, विधायक जयवर्धन सिंह, सरपंच सुश्री भक्ति शर्मा एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने युवाओं का आव्हान किया कि असाधारण, सफल और सार्थक जीवन को लक्ष्य बनाएं। रोडमैप तैयार करें। कठोर परिश्रम करें। ऊँचा सोचें। व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा ही बन जाता है। युवा ठान ले तो कुछ भी असंभव नहीं है। आवश्यकता क्षमता के स्वाभाविक प्रगटीकरण की है। अंधानुकरण उचित नहीं है। प्रदेश में युवाओं के लिये अनंत संभावनायें है। नये निवेश से रोजगारों के नये अवसर सृजित हो रहे है। स्वरोजगार के भी भरपूर अवसर है। खाद्य प्रसंस्करण इकाईयाँ पंचायतवार लगाई जा सकती है। सरकार की गारंटी पर पांच वर्ष के लिये 5 प्रतिशत ब्याज और 15 प्रतिशत ऋण सब्सिडी के साथ वित्तीय सहायता की योजनायें संचालित है। महिलाओं के लिये ब्याज सब्सिडी 6 प्रतिशत का प्रावधान है। सरकार ने इस वर्ष 7.5 लाख युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार में स्थापित करवाने का लक्ष्य रखा है। प्रयास है कि युवा रोजगार देने वाले बने। राज्य की धरती से युवा बड़े उद्योगपति बनकर निकलें। युवाओं के सपने अभावों में मरे नहीं सरकार का प्रयास है। नि:शुल्क शिक्षा, गणवेश, विद्यालय जाने के लिए साईकिल, अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्य, अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ ही सामान्य वर्ग के गरीब बच्चों को भी छात्रवृत्ति मिलती है।

श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का न्यू इंडिया युवा बनाएंगे। उनके नवाचारों, उद्यमिता प्रयासों को सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। युवाओं का आव्हान किया कि रचनात्मक कार्यों से जुड़े। पौधरोपण, नदी जल संरक्षण, पर्यावरण चेतना, शिक्षा की गुणवत्ता आदि का कोई भी एक कार्य अवश्य करें। उन्होंने स्वयं 15 दिवस में एक बार शिक्षण कार्य करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश-देश के विकास का ईजंन बन रहा है। जिसकी इस वर्ष अनुमानित कृषि विकास दर 29% है। विकास दर 8 वर्षों से दो अंकों में है। स्वच्छता अभियान के स्वच्छ 100 शहरों में 22 राज्य के है। प्रथम इन्दौर और द्वितीय भोपाल है।

मुख्यमंत्री प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में शामिल हुये

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में पूछे गये विभिन्न प्रश्नों के उत्तर में बताया कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है। समाज की यह सोच पूर्णत: अनुचित है कि बड़े पद पर बैठे व्यक्ति की संतानें भी बड़े काम करें। उन्होंने बताया कि प्रदेश के युवाओं की उद्यमिता बढ़ाने के प्रयास तेजी से हो रहे हैं। युवा उद्यमियों के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाती है। उनके अनुभव जाने जाते है। प्रसन्नता की बात है कि 90 से 95 प्रतिशत उद्यमी सफल हो रहे है। उन्होंने कहा कि इंजीनियर की आवश्यकता से अधिक आपूर्ति के कारण कॉलेजों में सीटें खाली रह रही है। वैकल्पिक व्यवसायों और स्वरोजगार के नये अवसर निर्मित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की कमी की समस्या समाधान के लिये। अगले वर्ष 7 नये शासकीय मेडिकल कॉलेज खुलवाये जा रहे हैं। चिकित्सकों पर व्यवसायिक प्रतिबंधों को कम करने और सेवा शर्तों को सुधारा जा रहा है। चिकित्सकों का मुख्यालय नगर बनाकर, उन्हें पैरामेडिकल स्टॉफ के साथ ग्रामीण अंचल में भेजने की व्यवस्था भी की जा रही है। मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के लाभान्वित डॉक्टरों पर तीन वर्ष राज्य के ग्रामीण अंचल में सेवा की बाध्यता रखी गई है। उन्होंने बताया कि दिल से कार्यक्रम राज्य के विभिन्न वर्गों के साथ दिल की बात सीधे दिल से करने का प्रयास है। दिल की बात दिल और दिमाग पर सीधा असर डालती है।

इंडिया टुडे के ग्रुप एडीटोरियल एडीटर श्री राज चेंगप्पा ने आयोजन की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुये बताया कि देश में तेजी प्रगति करने वाला मध्यप्रदेश राज्य है। उन्होंने युवाओं के साथ प्रश्नोत्तरी के रूप में संवाद करते हुये मुख्यमंत्री के राजनैतिक जीवन की प्रमुख घटनाओं का जिक्र किया। वेल्लोर इंस्टीटूयट ऑफ टेक्नोलॉजी के चांसलर श्री विश्वनाथन ने मध्यप्रदेश को उत्तरी भारत में सर्वश्रेष्ठ शहर, राज्य और मुख्यमंत्री वाला प्रदेश बताया।

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