सुख-शांति और प्रेम का वास होगा, तो सबके चेहरे मुस्कुराते रहेंगे : दादी जानकी

भोपाल : ब्रह्म पिता ने मुझे त्रिनेत्र दिया है, सबके मन की बात जान लेती हूं। सुख शांति और प्रेम का वास होगा तो सबके चेहरे मुस्कुराते रहेंगे। जो कुछ करता है बाबा करता है, बाबा कहते हैं बच्चियां निमित्त हैं। भारत में कुछ नहीं था हमारे पास, दो-तीन ड्रेस थे, आज सब कुछ है। भगवान कहता है तुम कुछ मत करो, बाबा कहता है हाथ धीरज देने वाला है, पांचों उंगलियां बराबर नहीं हैं, एक-एक की अपनी विशेषता है। सच्चाई प्रेम खुशी की शक्ति है, वही सुख-शांति भवन बन जाएगा, वहीं प्रेम होगा।

ब्रह्मकुमारी संस्थान की मुख्य प्रशासिका 103 साल की राजयोगिनी दादी जानकी के अनमोल वचन सुनने के लिए गुरुवार को भोपाल के नीलबड़ में ब्रह्मकुमारी संस्था से जुड़े अनुयायियों का
सैलाब उमड़ा था।

राजयोगिनी दादी जानकी ने इस जन सैलाब को संबोधित करते हुए कहा कि कहा कि सच्चे सेवाधारी, तपस्वी यहां बैठे हैं, पवित्रता, सत्यता, दिेएता, नम्रता और मधुरता के पांच सूत्र हमेशा जीवन में उन्हें याद रखने चाहिए। इससे पहले नीलबड़ में तक़रीबन 20 हज़ार स्कॉवयर फीट में फैले भव्य सुख-शांति भवन का दादी जानकी ने उद्घाटन किया। ब्रह्मकुमारी संस्थान की तरफ़ से आयोजित इस भव्य उद्घाटन समारोह में हज़ारों लोग शामिल हुए। समारोह में शानदार प्रस्तुति देकर दादी जानकी और मानव जीवन में आध्यात्म के स्वरूप को रेखांकित किया।
उद्घाटन समारोह में विभिन्न धर्मों के नेताओं के साथ शहर के कई गणमान्य अतिथियों और भोपाल के कलेक्टर सुदाम खांड़े, आईजी जयदीप प्रसाद और सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। ब्रह्मकुमारी संस्था की तरफ़ से बीके डॉ. रीना, बीके अवधेश, बीके नीता के साथ सैकड़ों ब्रह्मकुमारी बहनें उद्घाटन समारोह के विशाल पंडाल में उपस्थित थे।

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