मध्यप्रदेश में किसानों की लगातार हो रही हैं आत्महत्याएं : गोपाल भार्गव

नेता प्रतिपक्ष ने कमलनाथ सरकार से ओला प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने की मांग की
भोपाल । नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि किसान हितैषी होने की बात कहने वाली और कर्ज माफी का राग अलापने वाली कमलनाथ सरकार में लगातार किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। किसानो की हो रही आत्महत्याओं से कमलनाथ सरकार के कर्जमाफी की हक़ीक़त धीरे धीरे सामने आने लगी है। नेताप्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से ओला प्रभावित किसानों को तत्काल राहत राशि देने की मांग की है। कर्ज और पाला की मार से परेशान शुक्रवार को दो किसानों ने आत्महत्याएं कर ली। इंदौर बेटमा के किसान भारत मकवाना पाला से फसल खराब होने और कर्ज से परेशान होकर जहर खा कर तो सतवास के किसान गोविंद मीणा ने कर्ज से परेशान हो कर फाँसी लगा कर अपनी जान दे दी थी। कर्ज और पाला की मार से परेशान किसानों की आत्महत्याओं पर नेता प्रतिपक्ष ने दुःख जताते हुए इसे कर्ज माफी की वास्तविकता बताया।
कर्जमाफी के इंतजार में आत्महत्या को मजबूर हुआ किसान 
नेता प्रतिपक्ष श्री भार्गव ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से झूठ और भ्रम की राजनीति की। कांग्रेस ने चुनाव के पहले सरकार बनने के 10 दिनों में कर्जमाफी का वचन दिया था। लेकिन आज तक किसानों का 1 रुपया भी कर्ज माफ नही हुआ है। कमलनाथ के झूठे आश्वासन औऱ ओला प्रभावित किसान प्रदेश सरकार की सहायता के इंतजार में आत्महत्या करने पर मजबूर हो गया है। दर्जनों किसान आत्महत्याएं कर चुके है लेकिन कर्जमाफी पर ठोस निर्णय के बजाय कांग्रेस नीले पीले फार्म भरवाने में लगी है।
38 से अधिक जिले ओला से त्रस्त लेकिन कमलनाथ सरकार मदमस्त
भाजपा नेता गोपाल भार्गव ने कहा कि किसानों को ओला पाला में भाजपा सरकार ने तत्काल राहत देने का काम वही मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के साथ पूरी सरकार किसानों को संबल देने के लिए उनके खेतों में खड़ी रहती थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 38 से अधिक जिलों में ओला-पाला से 4 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है जो राज्य सरकार की आंकलन रिपोर्ट में भी दर्ज है। लेकिन कमलनाथ सरकार के कानों में जूं तक नही रेंग रही। कमलनाथ सरकार मदमस्त और किसान त्रस्त हो चुका है। ओला प्रभावित खेतो में पहुँचने के लिए कमलनाथ सरकार को फुर्सत नही है।

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