अमेरिका में हाशिये पर हैं एच-4 वीजा धारक महिलायें !

सपनों के देश अमेरिका में जब कोई प्रवासी भारतीय परिवार आता है तो उसके सपने होते हैं- एक बेहतर जीवन शैली की, ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने की और अमेरिकी नागरिक बनने की l  पर सपने को सच्चाई में तब्दील करने कहानी वर्षो चलती है और इस दुरूह कहानी में सबसे ज्यादा पीसती है वो पत्नियां जो डिपेंडेंट वीजा पर यहां आती हैं l

ज्यादातर प्रवासी भारतीय एच-1 बी या एल-1 वीजा पर आते हैं, इन दोनों वीजा के तहत उन्हें अपनी बीवी-बच्चों को भी एच-4 या एल-2 वीजा पर अमेरिका लाने की इजाजत होती है| एच-4 और एल-2 वीजा परिवार को कानूनी रूप से अमेरिका में रहने तो देता है पर ना तो उन्हें काम करने की इजाजत होती थी और ना ही ड्राइविंग लाइसेंस या सोसाइटी सिक्योरिटी लेने की ओबामा प्रशासन ने एच-4 वीजा वालों के लिए नये नियम बनाने बनाए थे, जिनके तहत एच-4 वीजा धारक नौकरी कर सकते थे| इसका सबसे ज्यादा फायदा उन भारतीय पत्नियों को हुआ, जो अपने पैर पर खड़े होने के योग्य है, जिनका अपने देश में एक सफल कैरियर होता था| किन्तु डिपार्टमेंट वीजा होने के कारण वो बस घर के दायरे में बंधकर रह जाती थी| पर ट्रंप सरकार जल्दी ही एच-4 वीजा धारकों से काम का अधिकार छिनने वाली है l

प्रवासी भारतीयों की सपनों की दुनिया के पीछे का एक सच घरेलू हिंसा में इजाफा भी है l  पढ़ी-लिखी औरतें जब काम करने के अधिकार से वंचित हो जाती हैं, तो पूरे तौर पर अपने पति पर निर्भर होती हैं l यहां तक की वह घर का सामान भी नहीं खरीद सकती, क्योंकि उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होता l उनकी दुनिया एक छोटे से अपार्टमेंट में बंध कर रह जाती है| शिकागो में प्रवासी भारतीय महिलाओं के लिए काम कर रही समाजसेवी संस्था ‘अपना घर’, ‘सखी’ और ‘सारा की सर्किल’ का कहना है कि कई घरों में पुरुष इन हालातों का पूरा फायदा उठाते हैं, क्योंकि उन्हें पता होता है कि अब बीबी पर पूरा अधिकार है| कई मामलों में तो उनके पासपोर्ट भी लॉक कर दिए जाते हैं, ताकि उनके पास कोई पहचान ना हो|

भारत से आयी महिलाओं को ट्रेनिंग नहीं दी जाती है कि उनके साथ विदेशों में क्या-क्या हो सकता है, और कैसे उनका सामना करना चाहिए l  शिकागो की संस्था ‘अपना घर’ घरेलू हिंसा की शिकार औरतों को रहने की जगह तो मुहैया कराती ही है, उन्हें रोजगार के अवसर भी देती हैं|अफसोस इस बात की है कि पढ़ी-लिखी औरत ने भी अमेरिका से निकाले जाने या बच्चों को खो देने के डर से घरेलू हिंसा के खिलाफ अपना मुंह नहीं खोलती| ट्रंप सरकार ने फिलहाल एच-4 वीजा धारकों के लिए नियम में बदलाव को कुछ समय के लिए टाल दिया है l  पर यह तय है कि नयी सरकार में एच-4 वीजा धारकों को पहले जैसे अधिकार नहीं मिलेंगे, कई प्रवासी औरतें यहीं अपने घर की चारदीवारी में बंध कर  जाएगी|

लेखिका भारतीय जनसंचार संस्थान से जुडी हैं l

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