कोलकाता में शुरू हो गया अंतरराष्ट्रीय विज्ञान उत्सव

उमाशंकर मिश्र

Twitter handle: @usm_1984

कोलकाता, 4 नवंबर (इंडिया साइंस वायर): पांचवें भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान उत्सव का आयोजन इस वर्ष कोलकाता में किया जा रहा है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान उत्सव (आईआईएसएफ)-2019 का औपचारिक उद्घाटन वीडियो कान्फ्रेंसिग के जरिये करेंगे। आईआईएसएफ की थीम इस बार ‘रिसर्च, इनोवेशन ऐंड साइंस इंस्पायरिंग द नेशन’ (राइजेन इंडिया) रखी गई है। भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विकास को प्रदर्शित करना और समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।

उत्सव में वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों से लेकर शिल्पकार, किसान, छात्र और नवाचारियों की भागीदारी होगी। यह कार्यक्रम विज्ञान के प्रति युवाओं को आकर्षित करने और विज्ञान को लोकप्रिय बनाने की दिशा में काम करने वाले हितधारकों की नेटवर्किंग को बढ़ावा देने की भी कोशिश करेगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की स्वायत्त संस्था विज्ञान प्रसार तथा विज्ञान भारती द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किए जाने वाला यह वार्षिक आयोजन 5-8 नवंबर तक चलेगा। इसमें देश और दुनिया के करीब 12 हजार प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है।

विज्ञान प्रसार के निदेशक डॉ नकुल पाराशर ने कहा कि “आईआईएसएफ देश में विज्ञान एवं  प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में होने वाली प्रगति का उत्सव है, जिसमें देश-विदेश के छात्र नवोन्मेषक, शिल्पकार, किसान, वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।” उत्सव के दौरान 28 विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। छात्रों के लिए विज्ञान गांव इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होगा। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों के 2500 से अधिक स्कूली छात्र आकर रहेंगे। संसद सदस्यों ने विज्ञान गांव में शामिल होने के लिए अपने संसदीय क्षेत्रों से पांच छात्रों तथा अध्यापकों को नामित किया है। विज्ञान गांव में छात्रों को विभिन्न विज्ञान गतिविधियों में शामिल होने और वैज्ञानिकों से बातचीत करने का अवसर मिलेगा।

युवा वैज्ञानिक सम्मेलन में 1500 से अधिक युवा वैज्ञानिकों के शामिल होने की उम्मीद है। यह सम्मलेन युवा वैज्ञानिकों को विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों से मिलने, शोध पत्र और पोस्टर प्रस्तुत करने का मंच उपलब्ध कराता है। विज्ञान प्रदर्शनी, पुस्तक मेला और विज्ञान साहित्य उत्सव भी मेले का हिस्सा होंगे। देश के वैज्ञानिक विकास को आकार देने में महिला वैज्ञानिकों और उद्यमियों की भूमिका को उजागर करने के लिए एक कॉन्क्लेव भी आयोजित किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम शामिल गतिविधियों में कृषि वैज्ञानिक सम्मेलन, दिव्यांगों पर केंद्रित सहायक प्रौद्योगिकी कॉन्क्लेव एवं प्रदर्शनी, उद्योगों एवं अकादमिक क्षेत्र पर आधारित सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय विज्ञान फिल्म फेस्टिवल, राष्ट्रीय स्टार्टअप सम्मेलन और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मीडिया सम्मेलन प्रमुख हैं। उस्तव की गतिविधियां मुख्य रूप से कोलकाता के बिश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर और साइंस सिटी में आयोजित की जा रही हैं। इस दौरान कुछ कार्यक्रम कोलकाता के सत्यजित रे फिल्म ऐंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, बोस इंस्टीट्यूट और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल बायलॉजी में भी आयोजित किए जाएंगे।

आईआईएसएफ में चार अलग-अलग विषयों पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की जाएगी। इन विषयों में खगोल भौतिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स पर शिक्षण कार्यक्रम और रेडियो किट असेंबलिंग का रिकॉर्ड बनाने के प्रयास शामिल हैं। उत्सव के अंतिम दिन मानव गुणसूत्र का सबसे बड़ा मानवीय चित्र बनाने का प्रयास किया जाएगा। वर्ष 2015 में पहली बार आईआईएसएफ का आयोजन दिल्ली में हुआ था और दूसरे साल भी इस महोत्सव को दिल्ली में ही आयोजित किया गया। तीसरे साल चेन्नई और चौथे साल लखनऊ में आईआईएसएफ का आयोजन किया गया था। (इंडिया साइंस वायर)

Keywords: science festival, science communication, science popularization, DST, Vigyan Prasar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*