भोपाल के युवा प्रोफेशनल के कारण जेजेपी चुनाव चिन्ह चाबी बनी हरियाणा के सत्ता की चाबी

दुष्यंत के साथ भोपाल के युवा प्रोफेशनल का हाथ

स्पंदन फीचर्स । हरियाणा की जनता ने अपना फैसला दे दिया है। इस विधानसभा चुनाव में एक ऐसी तस्वीर सामने आयी है जो एक दो चैनल को छोड़ के शायद ही किसी चैनल ने अपने सर्वे में दिखाई हो। हरियाणा में एक त्रिशंकु विधानसभा बनती दिख रही है। न सत्ता पक्ष को और न ही प्रमुख विपक्षी दल को स्पष्ट बहुमत मिला है। ये अपने आप में एक खबर है । लेकिन इस खबर में जो रोचक बात है वो ये है कि हाल ही में चुनावी राजनीति में पदार्पण करने वाली दुष्यंत चौटाला की पार्टी किंगमेकर बन कर उभरी है। अगर आंकड़ों पर नज़र डाले तो यह साफ़ है कि बिना जेजेपी (जननायक जनता पार्टी) की मदद के कोई सरकार नहीं बन सकती। दरअसल चाबी चुनाव चिन्ह वाली पार्टी को जनता ने सत्ता की चाबी थमा दी है । उल्लेखनीय है कि नवगठित जेजेपी का यह पहला विधानसभा चुनाव था । आलोचक जिसे जेल में जन्मी हुई पार्टी कह रहे थे वही पहले ही चुनाव में किंग मेकर बन गया ।

गौरतलब  है कि जेजेपी की इस जीत में दुष्यंत चौटाला के साथ प्रमुख किरदार बनी डिजिटल मीडिया और प्रचार-प्रसार का काम देखने वाली एजेंसी – सोशियो कम्युनिकेशन एवं चुनाव नीति । जैसे जेजेपी राजनीति और चुनावी दांव-पेंच में नई थी वैसे ही सोशियो कम्युनिकेशन डिजिटल मीडिया और चुनाव रणनीति के क्षेत्र में नया नाम l दोनों का नेतृत्व युवाओं के हाथ में था । लेकिन दोनों विजेता निकले l एक चुनाव के खिलाड़ी और दूसरे डिजिटल मीडिया के माहिर निकले । हरियाणा की सत्ता के किंगमेकर दुष्यंत चौटाला को भोपाल के युवा प्रोफेशनल सुलभ सिंह का साथ मिला । जेजेपी के चुनावी प्रचार कमान  सोशियो कम्युनिकेशन और चुनाव नीति के माध्यम से सुलभ सिंह ने सम्हाल रखी
थी । सुलभ ने पूरा फोकस कंटेंट पर रखा । बकौल सुलभ सिंह – ‘चुनावी के समय में सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों की भूमिका बड़ी अहम होती है जिसमें कंटेंट पर निर्धारित होता है कि वह कितने लोगों पर असर डालेगा। इस पूरे चुनावी दौर में बेहतर रणनीति और टीम मैनेजमेंट ने भी प्रमुख भूमिका निभाई है।‘ SOCIYO और चुनाव नीति ने बेहतर चुनावी रणनीति और बेहतरीन तालमेल के साथ युवाओं तक दुष्यंत चौटाला और जेजेपी की सोच को पहुंचाया।

दरअसल SOCIYO कंपनी ने अपीलिंग और मारक कंटेंट को चुनावी रणनीति का अहम् हिस्सा बना दिया है l इस कंपनी ने इससे पहले मध्यप्रदेश चुनाव में भी  अहम भूमिका निभाई थी। SOCIYO के फाउंडर सुलभ सिंह के अनुसार, आज कोई कहता है ‘’डाटा ईज द न्यू ऑयल” पर मेरा मानना है की “कंटेंट ईज द न्यू ऑयल”। सुलभ संचार की बुलेट थ्योरी में ज्यादा भरोसा करते हैं l बकौल सुलभ सिंह – सन्देश छोटा भले हो लेकिन तेज और मारक हो । प्रचार की रणनीति इस बात के इर्द गिर्द घूमती है कि आप किसी व्यक्ति की सोच को उसके विचारों को कम से कम शब्दों में और ज्यादा से ज्यादा प्रभावी तरीके से कैसे जनमानस तक पंहुचा सकते हैं।

चुनाव नीति एजेंसी ने दुष्यंत चौटाला की चुनावी ज़मीन तैयार करने में बेहद अहम भूमिका निभाई। गांव-गांव, कसब-कसबे दुष्यंत को प्रदेश का भविष्य का नेता बताकर पेश किया ।चुनावी परिणाम ने यह बात साबित कर दी है कि चुनाव नीति और सोशियो जैसी दोनों कम्पनियां अपने प्रयास में सफल हुई।

चुनावनीति के फाउंडर गजेंद्र शर्मा जिन्होंने दिल्ली और राजस्थान विधानसभा चुनाव में कई महत्वपूर्ण सत्तासीन हुए दलों के लिए कई महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारिया निभाई है। गजेंद्र का मानना है कि चुनाव अब एक व्यक्ति विशेष के नाम पर लड़ा जाने लगा है। ऐसे में उस व्यक्ति का हर जगह पहुंच पाना संभव नहीं और ऐसे में चुनाव नीति और सोशियो जैसी एजेंसियों जरुरत पड़ती है जो नेता को हर व्यक्ति के दिल-दिमाग तक पहुंचा दे l गजेन्द्र शर्मा ने बताया कि हम ज़मीन पर जा कर उस व्यक्ति की इमेज बिल्डिंग का काम करते है। इस चुनाव में कई ऐसे मौके भी आये जब ‘’विपक्षी दलों ने जजपा के अस्तित्व को सिरे से ख़ारिज कर दिया था’’ पर आज हरियाणा में जेजेपी अहम भूमिका में है l जेजेपी को यह अहमियत दिलाने में दोनों एजेंसियों अहम् भूमिका निभाई है ।

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