कंगना का फ़ेवरेट “कड़कनाथ” अब कप्तान कोहली और टीम इंडिया के लिए ज़रूरी क्यों ?

  • कंगना रनौत का मोस्ट फ़ेवरेट कड़कनाथ दिलाएगा टीम इंडिया को कामयाबी
  • कोहली और टीम इंडिया को कड़कनाथ चिकन खाने की सलाह

झाबुआ : कड़कनाथ को जानते हैं आप, नहीं जानते तो कंगना रनौत की फ़िल्म रिवॉल्वर रानी देख लीजिए, कड़कनाथ से परिचय हो जाएगा। इस फ़िल्म में कंगना ने रूपहले पर्दे पर ये भी बताया है कि कड़कनाथ इंसान की सेहत के लिए कितना ज़रूरी और फ़ायदेमंद है। कड़कनाथ की अहमियत इतनी ज़्यादा है, कि काला रंग होने के बाद भी इसके स्वामित्व को लेकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लंबे अर्से तक झगड़ा चला लेकिन अब सबकुछ सुलझ गया है और एमपी के आदिवासी अंचल में आन-बान-शान के साथ सेहतमंद रहने का बेहतरीन फॉर्मूला “कड़कनाथ”, एक बार फिर से सुर्ख़ियों में है।

कड़कनाथ के फ़ायदे गिनाते हुए सिडनी टेस्ट के दौरान विराट कोहली और टीम इंडिया को झाबुआ का कड़कनाथ मुर्गा खाने की सलाह दी गई है। झाबुआ के कृषि विज्ञान और कड़कनाथ रिसर्च सेंटर ने बीसीसीआई और विराट कोहली को ऑफिशियल लेटर में, एक ट्वीट के ज़रिए टीम इंडिया के खिलाड़ियों को कड़कनाथ मुर्गा खाने की सलाह दी है।

कड़कनाथ विशेष प्रजाति का मुर्गा है। झाबुआ में ख़ास तौर पर कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गों का पालन होता है। झाबुआ के कृषि विज्ञान केन्द्र ने नेशनल मीट रिसर्च संस्थान हैदराबाद की रिपोर्ट की प्रति भी ट्वीट की है, जो आम चिकन और कड़कनाथ चिकन में मौजूद फैट, प्रोटीन, कोलेस्ट्रॉल वगैरह के अंतर को स्पष्ट करता है। झाबुआ के कृषि विज्ञान केन्द्र की तरफ़ से ऑफिशियल लेटर पोस्ट करते हुए ट्वीट किया गया है, कि फैट ओर कोलेस्ट्रॉल के डर से अगर विराट कोहली और टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ी ग्रील्ड चिकन खाना छोड़कर दूसरी डाइट ले रहे हैं, तो वो बेहिचक झाबुआ का कड़कनाथ चिकन, अपने आहार में ले सकते हैं।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज का चौथा और अंतिम टेस्ट सिडनी में खेला जा रहा है, सिडनी टेस्ट से पहले टीम इंडिया के खिलाड़ियों को ‘कड़कनाथ मुर्गा’ खाने की सलाह दी गई है। बता दें कि टीम इंडिया चार मैचों की सीरीज़ में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 2-1 की अजेय बढ़त ले चुकी है। कोहली ने गुरुवार से शुरू होने वाले चौथे टेस्ट से पहले कहा, “सिर्फ चार साल हुए हैं मुझे कप्तानी संभाले। यदि भारत टेस्‍ट सीरीज में जीत हासिल करता है तो ये शानदार होगा, क्योंकि मैं तीसरी बार यहां टेस्ट दौरे पर आया हूं, और मैं जानता हूं कि यहां जीतना कितना मुश्किल है।”

टीम इंडिया के कप्तान ने कहा, “आप ऑस्ट्रेलिया में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन टीम के रूप में जीत दर्ज करना हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती रही है। ईमानदारी से कहूं तो पिछले दो दौरों के व्यक्तिगत प्रदर्शन किसी को याद भी नहीं हैं।”

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