बाल साहित्य : नौनिहालों की प्रतिभाओं के लिए भविष्य का रास्ता

कटनी : नौवाँ कटनी साहित्य महोत्सव, पुस्तक मेला एवं बाल साहित्य महोत्सव का आयोजन कटनी के राष्ट्र बंधु परिसर में सम्पन्न हुआ। ‘इक्कीसवीं सदी का बाल साहित्य और संस्कार की छावं’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत माँ वाणी की अर्चना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद आयोजकों ने शाल, पुस्तक एवं मोमेंटो से कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत किया।
इस सत्र की अध्यक्षता राजस्थान से पधारे राजस्थानी और हिन्दी के प्रसिद्ध बाल साहित्यकार और हिन्दी-राजस्थानी साहित्य अकादमी सम्मान प्राप्त श्री दीनदयाल शर्मा जी ने की। बीज वक्तव्य इंदौर देवपुत्र बाल पत्रिका के प्रमुख संपादक तथा प्रबुद्ध साहित्यकार डॉ.कृष्ण कुमार अष्ठाना जी ने दिया। विशेष रूप से आमंत्रित उत्तर प्रदेश के बाल साहित्यकार एवं समीक्षक डॉ.नागेश पाण्डेय ‘संजय’ और भोपाल की वरिष्ठ बाल साहित्यकार डॉ. प्रीति प्रवीण खरे ने भी अपने विचार व्यक्त किए। विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग के अध्यक्ष एवं कुशल वक्ता डॉ. राघवेंद्र शर्मा उपस्थित रहे। पुस्तक समीक्षा के अंतर्गत डॉ. प्रीति प्रवीण खरे ने डॉ. सुधा गुप्ता ‘अमृता’ की पुस्तक की समीक्षा की।

लेखन कार्यशाला में डॉ. प्रीति प्रवीण खरे, डॉ. नागेश पाण्डेय और श्री दीनदयाल शर्मा ने बच्चों को कविता, कहानी और निबंध लेखन के लिए विषय दिए, जिसमें तीन आयु वर्ग के बच्चों ने हिस्सा लिया और त्वरित लेखन कौशल का बढ़िया परिचय दिया।
बाल साहित्य महोत्सव कार्यक्रम को वरिष्ठ बाल साहित्यकार डॉ. सुधा गुप्ता ने सफल बनाने में ख़ास योगदान दिया, जबकि संयोजन क्यूजे कार्यक्रम का संचालन जगदीश गुप्त ने किया। बाल चौपाल में सभी अतिथि साहित्यकारों और डॉ. प्रीति प्रवीण खरे से बच्चों ने अपने मन की बात की, बच्चों ने दिल खोलकर अतिथियों से प्रश्न पूछे। कार्यक्रम में अनाथालय और बाल केन्द्र के बच्चों ने रंगारंग गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।

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