आईआईटी मद्रास से सीखें निशुल्क ‘मोबाइल एप’ बनाना

नवनीत कुमार गुप्ता

@NavneetKumarGu8

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आज हमारे देश में स्किल इंडिया पर बहुत जोर दिया जा रहा है। शिक्षा को तकनीक के साथ जोड़कर रोजगार प्राप्त करने के प्रयास हो रहे हैं। इसी उद्देश्य के साथ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास और कोर टेक्नालॉजी स्टार्ट अप होसुरा द्वारा एक नि:शुल्क मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स यानी एमओओसी उपलब्ध कराया गया है जिसका उद्देश्य छात्रों के कौशल को अपडेट करना है।

यह कोर्स इच्छुक व्यक्तियों को बेसिक प्रोग्रामिंग कौशल के साथ एक अवसर उपलब्ध करा रहा है जिसके जरिये आठ सप्ताह में एप डेवलपमेंट सीखा जा सकता है। नि:शुल्क ऑन लाइन कोर्स  की शुरूआत 24 जुलाई 2017 से होगी। एनपीटीइएल के जरिए उपलब्ध कराया जाने वाला आठ सप्ताह का ऑनलाइन कोर्स सभी के लिए और निशुल्क उपलब्ध है।

इस कोर्स के जरिये व्यक्ति मोबाइल एप्लिकेशन जो एप के रूप में लोकप्रिय है,  डेवलप करना सीख सकते हैं जो आज हमारे दैनंदिन का एक अहम हिस्सा बन गया है।

अब तक इस कोर्स के लिए 83,000 छात्रों ने पंजीकरण कराया कराया है, इस तरह यह भारत का सबसे बडा एमएमओसी बन गया है। एक ओर विशेष बात यह है कि इस ऑन लाइन कोर्स के लिए भारत के अलावा दूसरे 20 देशों के करीबन 1500 लोगों ने भी पंजीकरण कराया है। इसने अबतक 6700 से अधिक एप्स बनाए  हैं और  लगभग 410 उम्मीदवारों को स्टार्ट अप्स के साथ  इंटर्नशिप भी प्रदान की है ।  सफलता पूर्वक कोर्स पूरा करने वाले छात्रों को आईआईटी मद्रास द्वारा प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।

आएमएडी के श्रेष्ठ छात्र होसुरा के साथ प्रोडक्ट डेवलपमेंट की इंटर्नशिप पाने के भी हकदार होंगे। इन इंटर्नशिप से वास्तविक दुनिया(रियल वर्ल्ड) में एप डेवलपमेंट का अपना कौशल निखारने का अवसर मिलेगा जिससे उनको उद्यागों में नौकरी के अवसर मिलेंगे जिसकी आवश्यकता आज सबसे अधिक आवश्यकता है ।

कोर्स के लिए पंजीकरण प्रारंभ हो गया है और  www.imad.tech पर जा कर कोई भी व्यक्ति इसमें अपना पंजीकरण करा सकता है। इस वेबसाइट पर इस कोर्स से संबंधित सहायक अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध है। इस कोर्स का यह प्रयास है कि सैद्धांतिकी और व्यवहारिकी ज्ञान के बीच सही ताल-मेल स्थापित किया जाए जिससे तेजी से एप्लिकेशन विकसित करने के साथ साथ यह भी सुनिश्चित हो कि एप्लिकेशन अच्छे से कार्य करे।

कोर्स को पांच मॉड्यूल में बांटा गया है जिसे 8 सप्ताह में पूरा किया जाएगा। इन मॉड्यूलों के अंतर्गत इंटरनेट और इसके सामान्य नेटवर्क प्रोटोकॉल से परिचय कराने के साथ ही एक बेसिक पर संपूर्ण वेब एप्लिकेशन का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा डेटाबेस का उपयोग कर अपने एप्लिकेशन उपयोग में मॉडलिंग डेटा का उपयोग क्यों और कैसे करें इसके बारे में भी बताया जाएगा। साथ ही किसी एप्लिकेशन के प्रदर्शन और उसकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चत करें यह सीखाया जाएगा। इस प्रकार पंजीकृत व्यक्ति अपने खुद का मोबाइल एप्लिकेशन बनाना सीख जाएंगे।

इसके लिए 20 मिनट का एक वीडियो यूट्यूब पर ऑनलाइन उपलब्ध होगा जिसे किसी समय भी देखा जा सकेगा। कोई चाहे तो इस कोर्स को आराम से अपने घर से भी सीख सकता है। कोर्स में ग्रेड के अनुसार असाइनमेंट होंगे और एक फाइनल टेस्ट होगा जिससे छात्र पूरे कोर्स के दौरान अपने को कोर्स पर केंद्रित  रख सकें।

इस कोर्स का संचालन आईआईटी मद्रास के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक  प्रो. गौरव रैना द्वारा किया जाएगा और साथ में स्टैस्टिकल लैब कैंब्रिज के एक विजिटिंग रिसर्च फेलो भी  होंगे। इनका साथ देंगे होसुरा के चीफ टेक्नालॉजी आफिसर और को फाउंडर श्री तन्मय गोपाल । असल में श्री गोपाल भी आईआईटी मद्रासके कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग के  ही पूर्व छात्र हैं ।

कोर्स के बारे में प्रोफेसर रैना ने बताया “टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने के लिए यह बेहद शानदार समय है, लेकिन इसके लिए आवश्यक कौशल होने चाहिए। अगर आप छात्र हैं या कार्य करने वाले पेशेवर हैं या आपको टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अवसर की तलाश है इस आइएमएडी कोर्स का उद्देश्य टेक्नोलॉजी के तेजी से परिवर्तित हो रहे क्षेत्र के लिए अपने आप को तैयार करना है।”  यह कोर्स अपना ऐप डेवलप करने की चाहत रखने वाले किसी व्यक्ति को अपनी खुद की शुरुआत करने के लिए महत्वपूर्ण कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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