मध्यप्रदेश सरकार का कार्यकाल विकास की यात्रा – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश सरकार का कार्यकाल विकास की यात्रा है। राज्य बीमारू से विकासशील, विकसित बना है, इसे समृद्ध बनाने का प्रयास जारी है। सबको बुनियादी आवश्यक सुविधाएं, विकास के समान अवसर और संसाधन उपलब्ध हों। समृद्धता के इस दर्शन पर प्रयास हो रहे है। उन्होंने कहा कि गरीबों को बुनियादी सुविधाएं, आय बढ़वाने के कार्य सरकार गरीबों का अधिकार मानते हुए कर रही है। रोजगार के अवसर बढ़ाने और कृषि उत्पाद का वैल्यू एडिशन करने पर जोर दिया जा रहा है। विकास का विजन स्पष्ट है। उस पर तेजी से कार्य हो रहा है।

मुख्यमंत्री आज समन्वय भवन में म.प्र. विकास संवाद संगोष्ठी शुभारंभ को संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी का आयोजन स्थानीय समन्वय भवन में हिन्दुस्तान समाचार द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में सांसद श्री प्रभात झा, जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री राघवेन्द्र गौतम, असंगठित कर्मकार मंडल अध्यक्ष श्री सुल्तान सिंह शेखावत मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उन्हें विरासत में बदहाल उजड़ा प्रदेश जिसे देश बीमारू कहता था मिला था। गड्ढ़ों में सड़कें, आने कम अधिक जाने वाली बिजली राज्य की पहचान थी। विकास की यात्रा ने प्रदेश को बदला है। शानदार सड़कें हैं। वर्ष 2003 का विद्युत उत्पादन 2900 से बढ़कर 18364 मेगावॉट हो गया है। नवाबों और आजादी के बाद वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी। हमने इसे 40 लाख हेक्टेयर कर लिया है और 80 लाख हेक्टेयर करने का रोडमैप तैयार है। कृषि में विगत पाँच वर्षों से औसतन 20 प्रतिशत के लगभग वृद्धि दर बनी हुई इससे उत्पादन लगभग दोगुना हो गया है।

श्री चौहान ने कहा कि केन्द्र सरकार की फ्लेगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश अग्रणी है। लगातार दो वर्षों से स्वच्छता में प्रदेश के इंदौर, भोपाल प्रथम दो स्थानों पर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में 17 लाख मकान बन रहे हैं। निवेश, पर्यटन में तेजी से कार्य हो रहा है। चीन, अमेरिका के संबंधों में तनाव के दृष्टिगत चीन में प्रदेश के सोयाबीन को बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने अमेरिका प्रवास के दौरान प्रदेश की सड़कों को अमेरिका से अच्छा कहने पर आलोचना का संदर्भ देते हुये कहा कि अपने देश-प्रदेश पर उन्हें गर्व है। उनके लिये सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तां है। गुलाम मानसिकता वाले ही इंग्लैंड, अमेरिका को अच्छा कह सकते हैं। उन्होंने कहा कि सारी दुनिया को विश्व कल्याण, प्राणियों में सद्भावना, सबके सुखी और निरोगी होने की कामना, विश्व को परिवार मानने की संकल्पना भारत ने ही दी है।

उन्होंने कहा कि विकास की अवधारणा सड़क, पुल-पुलियों के निर्माण तक ही सीमित नहीं है। लोगों की जिन्दगी खुशहाल बनाना लक्ष्य है। विकास का प्रकाश हर घर तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि विकास की अवधारणा है कि जल, जंगल, जमीन, नदी, पर्वत पर सबका समान अधिकार है। कुछ इसका उपयोग कर पाते हैं। शेष लोगों को उनके अंश रूप में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। गरीब को संबल देने का प्रयास मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना है। हर गरीब को रहने की भूमि का टुकड़ा, पक्का मकान, आर्थिक रूप से कमजोर को नि:शुल्क शिक्षा, 60 वर्ष से कम की उम्र में मृत्यु पर दो से चार लाख की अनुग्रह राशि, अंतिम संस्कार के लिये पाँच हजार रूपये और गर्भधारण और प्रसूति सहायता के रूप में चार और बारह हजार रूपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि संसाधनों का बड़ा हिस्सा गरीबों के कल्याण में उपयोग किया जा रहा है। कोख से लेकर अंतिम संस्कार तक सरकार गरीब के साथ खड़ी है।

हिन्दुस्तार समाचार के उपाध्यक्ष श्री अरविन्द मार्डेकर ने बताया कि हिन्दुस्तान समाचार की स्थापना बहुभाषी समाचार सेवा की आवश्यकता के दृष्टिगत वर्ष 1948 में दादा साहब आप्टे ने की थी जिसका वर्ष 2002 में श्री कंठ जोशी ने पुर्नरूथान किया। वर्तमान स्वरूप में वर्ष 2016 से तीव्र गति से प्रगतिरत है। अतिथियों का स्वागत मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिन्दुस्तार समाचार श्री समीर कुमार ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)