ईद पर बाल विवाह न करने और स्‍तनपान को बढ़ावा देने का संदेश !

नवजात बच्चों के लिए मां का दूध खुदा की सबसे बड़ी नेमत है

भोपाल, 15 जून l ईद के मुबारक अवसर पर मुस्लिम धर्म गुरुओं – अखिल भारतीय उलेमा बोर्ड मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष सैयद अनस अली नदवी, गुना शहर काजी नूरुल्ला यूसुफजई, भिंड शहर काजी हाफिज हसमत अली ने ईद की मुबारकबाद देते हुए समाज में बाल विवाह पर रोक और स्तनपान को बढ़ावा देने की अपील की है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि हम बाल विवाह से होने वाली परेशानियों के बारे में समाज में जागरूकता के लिए हरसंभव कोशिश करेंगे l इन धर्म-गुरुओं ने मां के दूध को बच्चों के लिए प्रकृति का सबसे अच्छा उपहार बताते हुए उन्‍होंने कहा कि स्‍तनपान बच्‍चों को जीवित रहने, बढ़ने और अपनी पूरी क्षमता से विकसित होने में सक्षम बनाता है। इस पर जागरूकता फैलाने की आवश्‍यकता है। वे ईद के मौके पर इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएंगे।

इस पहल का स्‍वागत करते हुए संस्‍था ‘स्पंदन’ के डा. अनिल सौमित्र ने कहा कि यह एक सराहनीय कदम है। हम अपने विचारों से समाज में सकारात्‍मक परिवर्तन लाने वाले धर्म गुरुओं को इस संदेश के प्रसार के लिए एकजुट कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि लोगों को प्रभावित करने वाले धर्म गुरु आध्‍यात्मिक चर्चा के साथ सामाजिक महत्त्व के मुद्दों – बाल विवाह निषेध और बच्‍चों को स्‍तनपान करवाने के प्रति भी समाज की मानसिकता में परिवर्तन लाएं।

मजहबी गुरुओं के साथ-साथ महिला समाज सेवियों ने भी ईद के अवसर पर देश की जनता को मुबारकबाद दी l राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक चेतना के लिए कार्यरत ख्यात फोटोग्राफर और साहित्यकार डा. कायनात काजी,  गुना की सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री जैबुनिशां कुरैशी और सुश्री पाकीज़ा कुरैशी ने ईद की मुबारकबाद देते हुए अपने समुदाय के साथ ही देश के लोगों से अपील करते हुए कहा है कि ईद के इस मुकद्दस मौके पर यह अहद करें कि हम अपने समाज और देश से बाल-विवाह जैसी कुरीतियों की जड़ से निकाल फेंकेंगे l हर स्तर पर इसकी मुखालफत करेंगे l डा. कायनात काजी ने कहा कि कम उम्र के बच्चे न तो मन से और न ही शरीर से इतनी बड़ी जिम्मेदारी उठाने के लायक हैं l डा. काज़ी ने जोर देकर कहा कि नवजात बच्चों के लिए माँ का दूध खुदा की सबसे बड़ी नेमत है l यह बच्चों को सशक्त और स्वावलंबी बनाने में मददगार होता है l

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