इन्हें लोकतंत्र नहीं, बल्कि धर्मांतरण खतरे में दिख रहा है…

प्रियंका कौशल

छत्तीसगढ़ का पूरा आदिवासी इलाका धर्मांतरण की चपेट में हैं। जशपुर जाइए तो काले पुते घरों को देखकर पता चलता है कि इन सबने धर्म परिवर्तन कर लिया है। स्थानीय चर्च धर्मांतरित लोगों के घरों को काले रंग से इसलिए पुतवा रही है, ताकि गांवों में घुसतेे ही उन्हें पता चल जाएं कि उनके घर कितने हैं। बस्तर के जंगलों में बसे गांवों में जहां सड़क, स्कूल, अस्पताल नहीं है, वहां भी बड़े-बड़े चर्च बने हुए हैं। इन्हें लोकतंत्र नहीं धर्मांतरण खतरे में दिख रहा है। ये कहते हैं कि आदिवासी हिंदू नहीं होता, लेकिन इनके मुताबिक वह ईसाई हो सकता है।यह है इनकी दोहरी नीति। इस हफ्ते ही राहुल गांधी की छत्तीसगढ़ में हुई एक सभा (अजीत जोगी का इलाका, जो तकरीबन 90 फीसदी जनजातीय और करीब 70 फीसदी धर्मांतरण से ईसाई बने लोगों का है) वहां राजगोपाल पीव्ही डरा रहे थे कि देश में मंदिर का डर है।

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