आरएसएस की शाखाओं में गाये जा रहे हैं हिन्दी के गीत!

संघ की शाखाओं में गाये जा रहे हैं ये हिन्दी के गीत !

 

राष्‍ट्र की भाषा हृदय, मनहारिणी हिन्‍दी बने।

अज्ञानता की नाशिनी, मृदुभाषिणी हिन्‍दी बने।।

हिन्‍दी प्रशान्‍तोदधि बने, हिन्‍दी हिमालय भी बने।

राष्‍ट्र का मंदिर बने, हिन्‍दी शिवालय भी बने।।

बुद्ध नानक जैन वैदिक, हितकारिणी हिन्‍दी बने।

राम, शिव और कृष्‍ण की अवतारिणी हिन्‍दी बने।।

अज्ञानता की नाशिनी मृदुभाषिणी हिन्‍दी बने।।

अधिकार में व्‍यापार में, व्‍यवहार, लोकाचार में,

निज राष्‍ट्र पत्राचार में, परराष्‍ट्र शिष्‍टाचार में,

व्‍यवहरित भाषा भारती, अनुरागिनी हिन्‍दी बने।

राणा शिवा के शौर्य की,  संवाहिनी हिन्‍दी बने।

अज्ञानता की नाशिनी, मृदुभाषिणी हिन्‍दी बने।।

गीत और संगीत में, अनुपम कला अभिराम में।

न्‍यायालयों, विद्यालयों, कार्यालयों, छविधाम में।।

लक्ष्‍मी, सरस्‍वती और दुर्गा, वाहिनी हिन्‍दी बने।

ज्ञान और विज्ञान की संचारिणी हिन्‍दी बने।।

अज्ञानता की नाशिनी, मृदुभाषिणी हिन्‍दी बने।।

वाद में, प्रतिवाद में, संवाद, वाद-विवाद में।

संयोग, योग वियोग में, उत्‍कर्ष हर्ष विवाद में।।

उच्‍चरित भाषा वांगंमय संवारिणी हिन्‍दी बने।

हम सभी के काज की अधिकारिणी हिन्‍दी बने।।

अज्ञानता की नाशिनी, मृदुभाषिणी हिन्‍दी बने।।

राष्‍ट्र की भाषा हृदय मनहारिणी हिन्‍दी बने।

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