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बद्जुबानों, निर्वाचन आयोग की तो मानो

भारत के निर्वाचन आयोग को यह कदम पहले ही उठा लेना चाहिए था, इससे बदजुबानी कुछ रूकती | निर्वाचन आयोग की गिनती  यूँ तो देश की सर्वोच्च संस्थाओं में होती है, पर उसके पास कोई अधिकार है यह पहली बार पता लगा| यह अलग बात है उसकी पाबंदी के बाद ... Read More »

लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है मीडिया की चिंता

अशोक मलिक लोकसभा चुनावों के लिए मतदान शुरु हो चुका है। लोकतंत्र का यह कुंभ आने वाले पांच वर्षों और भविष्य के लिए देश का एजेंडा तय करने का समय है। आज के दौर में मीडिया की भूमिका जिस तेज़ी से बदल और बढ़ रही है मीडिया का स्वरुप उससे ... Read More »

क्यों महत्वपूर्ण है ब्लैक होल की पहली तस्वीर

पीयूष पाण्डेय अंतरराष्ट्रीय खगोल वैज्ञानिकों को पहली बार किसी ब्लैक होल की तस्वीर खींचने में सफलता मिली है। जिस ब्लैक होल की तस्वीर खींची गई है वह कन्या मंदाकिनी समूह की एक मंदाकिनी एम-87 में स्थित है। यह ब्लैक होल पृथ्वी से साढ़े पांच करोड़ प्रकाश वर्ष दूर है और ... Read More »

हमारे नागरिक अधिकारों पर संकट

हाल ही में हुए मतदान को लेकर उँगलियाँ उठ रही हैं | मतदान हो या अन्य कोई नागरिक अधिकार उसका संरक्षण होना चाहिए | भारत के संविधान की मूल भावना तो यही है | नागरिक अधिकार व अभिव्यक्ति की आजादी के चलते जालियांवाला बाग नरसंहार हुआ था। इसके मूल में ... Read More »

भाजपा : चिठ्ठी फर्जी हो सकती है उद्गार नहीं

भाजपा के भीतर कुछ नहीं बहुत कुछ गडबड चल रहा है | भीतर ही भीतर जो उबल रहा है, वो अब साफ बाहर दिखने लगा है. अनुशासन के लिये जाने जाने वाली पार्टी में अब वो सब भी होने लगा है जिसकी उम्मीद नही थी | अब फर्जी खतो-किताबत जैसे ... Read More »

बौद्धिक क्षेत्र मे हीन भावना से कब उभरेगी भाजपा ?

प्रो. रामेश्वर मिश्र पंकज भारत के मध्य वर्ग को जिस प्रकार के घोषणा पत्रों को देखने की आदत पड़ गई है ,उस दृष्टि  से देखें तो भारतीय जनता पार्टी का 2019 ईस्वी का घोषणा पत्र बहुत ही अच्छा है। इसमें प्रौद्योगिकी ,आर्थिक और कृषि तथा व्यापार के क्षेत्रों में बहुत ... Read More »

जलियांवाला बाग : हमारे घाव ज्यों के त्यों

आज १३ अप्रैल है, आज ही के दिन  अमृतसर के जालियांवाला बाग में सैकड़ों निहत्थे लोगों की हत्या की गई थी | यह १३ अप्रैल १९१९ थी | यह घटना ब्रिटिश उपनिवेशवाद के क्रूरतम अपराधों में से एक है. औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध हमारे स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास बलिदानों की ... Read More »

नई सरकार के लिए इन मुद्दों पर दो-दो हाथ जरूरी होगा

मोदी सरकार की वापिसी हो या कोई और सरकार बने, आने वाली नई सरकार का सीधा मुकाबला जिस समस्या से होगा वो देश की बेरोजगारी है | वैसे मोदी सरकार बेरोजगारी समेत कई बुनियादी मुद्दों पर किये गये वायदे पूरे करने में सफलता के उस पैमाने को नहीं छू सकी ... Read More »

एस्ट्रोसैट ने खोजा तारों के गोलाकार गुच्छे में सितारों का नया समूह

डॉ. निरुज मोहन रामानुजम सितंबर 2015 में प्रमोचित की गयी भारतीय मल्टी-वेवलेंथ अंतरिक्ष वेधशाला-एस्ट्रोसैट निरंतर रोमांचक जानकारियां दे रही है। इस वेधशाला का उपयोग करते हुए, तिरुवनंतपुरम और मुंबई के खगोलविदों ने तारों के गोलाकार गुच्छे (ग्लोब्यूलर क्लस्टर) एनजीसी-2808 में पराबैंगनी तारों की एक नई श्रेणी की खोज की है। ... Read More »

चुनाव में दिन-ब-दिन बढ़ता काले धन का प्रयोग

राकेश दुबे देश ने आम चुनाव के दौरान हुई छापे की कार्रवाई ने इस बात को उजागर कर दिया है कि देश में चुनाव अभियान किस हद तक उस धन पर निर्भर करते हैं, जिन्हें सामान्य भाषा में काला या अवैध कहा जाता है । चुनाव आयोग की विशेष टीम ... Read More »