नाम से गौरी, काम से लंकेश

लंकेश के हत्यारे तो गलत हैं, लेकिन हाय-तौबा मचाने वाले भी सही नहीं!
गौरी लंकेश.. शायद ये वो ही हैं ना… जिन्होने RSS कार्यकर्ता के केरल में हुए हत्या को लेकर कहा था, , स्वच्छ केरल, ,
खुलेआम चौराहे पर गाय का मांस खाकर कहा था
 “आज का बीफ बहुत स्वादिष्ट है”…   
ये वही थी न जिसने कमोड में जल डालकर “हर हर गंगे” का ट्वीट किया था
ये वही है ना जिसने CRPF जवानों की हत्या नक्सली द्वारा किये जाने पर खुशी मनाने एक पार्टी का आयोजित की थी
ये वही है न जिसने “कश्मीर के आज़ादी” के समर्थन को लेकर ‘‘टिप्पणी पर टिप्पणी” कर रही थी ..
व्यक्तिगत तौर पर ऐसी हिंसा भारत जैसे राष्ट्र के लिये अशोभनीय हैं,निंदनीय हैं,अहितकारी हैं…
मगर ये यह सोचने को विवश भी करती हैं कि क्या कोई पत्रकार, जो एक उँचाई तक पहुँच चुका हो, उसकी जिम्मेदारी राष्ट्र को समरसता प्रदान करना है न कि तोड़ना, ना कि किसी सम्प्रदाय या वर्ग को दुखी करना.
कोई पत्रकार कैसे देश के सैनिकों की हत्या पर खुश हो सकता है ?
अगर क्रिया होती है तो प्रतिक्रिया स्वभाविक है…
पर, ऐसा होना किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता.
भाषाई हिंसा गलत है, पर ऐसी क्या घटना हुई जो इस तरह की भाषा को उत्प्रेरित करती है इसकी जड़ तक जाने का भी प्रयास होना चाहिए…..   सोचने वाली बात ये है कि जो पत्रकार कभी आम भारतीय की आवाज हुआ करता था, आज वो आम जनमानस से इतना कैसे कट गया कि कोई ऐसी भाषा का प्रयोग कर सकता है….. ध्यान रहे गोरी लंकेश को झूठी खबरों के कारण अदालत ने   6 माह की सजा भी सुनाई थी. याने वो एक सजायाफ्ता मुजरिम थी . एक ऐसा मुजरिम  जिसे कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने राजकीय सम्मान दिया!
What do you know about GAURI LANKESH?*
*Noted journo, Francois Gautier writes….about Gauri Lankesh….. (François Gautier is a French political writer & journalist, based in India, since 1971. He has served as the “South Asian” correspondent for the French-language newspaper Le Figaro.)*
*A 21 gun salute & a state funeral given to a Maoist radical & intellectual terrorist by a anti Hindu Congress Govt which is doing all in its power to encourage Abrahamic & leftist fascism in Karnataka!*
*After a trial running to almost 8 years, Gauri Lankesh could not produce a shred of evidence to prove her ‘news’ was authentic. It was ‘The neutral Court’ that found her guilty of willful defamation. She was given a suspended 6 month imprisonment & Rs. 10,000 fine with a provision to appeal to a higher Court!*
*Condolences on her death, but she was hard core anti India, anti army, anti Hindu & wiling to go to any immoral length to score a ideological point to support breaking India forces. She was given a “state funeral”!*
*Meanwhile no one sheds one tear for those lay people who lived and died for India. Simple souls who cared only and only for Bharat & its progress. Who merely wanted equal rights for Hindus!*
*Not even our journalists n own leaders tweet in their favour or even mention them!*
*Lt Col Niranjan Kumar was a native of Bangalore. He did not get a 21 gun salute by the state!*
*Even Maj Sandeep Unnikrishnan was from Bangalore. He did not get a 21 gun salute by the state!*
*I am more than shocked, left aghast at the tragic death of a journalist. But I don’t think an Urban Naxal convicted by Court deserves a 21-gun salute meant for those who laid their lives for the country!*

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