Friday , 28 January 2022
समाचार

खाने में भी जहर की मिलावट

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एक चौंकाने वाले रहस्योदघाटन में भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) 
ने खुलासा किया है कि देश में बिकने वाले खाद्य पदार्थो में से लगभग 13 प्रतिशत खाद्य पदार्थ 
संदूषित पाए गए हैं। इस नए अध्ययन के नतीजे उस सर्वेक्षण के ठीक एक दिन बाद आए हैं 
जिसमें यह बताया गया है कि महत्वपूर्ण पोषण घटक दूध लगभग सभी शहरों में मिलावटी 
पाया गया है। एफएसएसएआइ के द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक खाद्य पदार्थो में भारी मात्रा में 
मिलावट पाए जाने से स्वास्थ्य मंत्रालय के सुरक्षात्मक उपायों पर सवालिया निशान लग गया है। 
परीक्षणों से यह पता चला है कि छत्तीसगढ़ में 40 प्रतिशत, उत्तराखंड में 34 प्रतिशत, 
उत्तर प्रदेश में 29 प्रतिशत, राजस्थान में 23 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल एवं हिमाचल प्रदेश में 
खाद्य पदार्थो के 20 प्रतिशत नमूने मिलावटी पाए गए हैं।
इसके अलावा खाद्य पदार्थो के परीक्षित नमूनों में से बिहार एवं चंडीगढ़ के 17 प्रतिशत, 
नागालैंड के 16 प्रतिशत, पंजाब, मध्यप्रदेश एवं उड़ीसा के 15 प्रतिशत, हरियाणा के 14 
प्रतिशत, तमिलनाडु के 12 प्रतिशत एवं महाराष्ट्र के दस प्रतिशत नमूने मिलावटी पाए गए। 
रोचक तथ्य यह है कि दिल्ली में खाद्य पदार्थो के नमूनों में से चार फीसदी तथा कर्नाटक में 
पांच प्रतिशत नमूने मिलावटी पाए गए। एफएसएसएआइ ने वर्ष 2010 में खाद्य पदार्थो 
के 1 ़17 लाख से ज्यादा नमूनों का परीक्षण किया। इस परीक्षण के नतीजे चौंकाने वाले 
हैं तथा लगभग 13 प्रतिशत नमूने मिलावटी पाए गए हैं। यदि हम मिलावट के मामलों के 
पिछले तीन वर्षो के अध्ययन पर नजर डालें तो इसमें लगातार बढ़ोतरी हुई है।  
वर्ष 2008 में 94 हजार नमूनों का परीक्षण किया गया जिसमें से 8,300 से ज्यादा 
नमूने यानी 8 ़79 प्रतिशत नमूने मिलावटी पाए गए थे। वर्ष 2009 में खाद्य पदार्थो के 
1 ़13 लाख नमूनों का परीक्षण किया गया जिसमें से 14 हजार यानी 12 ़65 प्रतिशत 
नमूने मिलावटी पाए गए थे।

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