Tuesday , 29 September 2020
समाचार

गुजरात और मोदी पर अपने बयान से क्यों पलटे अन्ना

Spread the love

अप्रैल में अन्ना ने मोदी और गुजरात के विकास कार्यो की तारीफ की थी तभी से गुजरात और गुजरात के बाहर का एक तबका जो हमेशा देशद्रोही गतिविधिओ में लिप्त है वो सक्रिय हो गया | फिर मृदालिनी साराभाई, तीस्ता जावेद सीतलवाड़, मुकुल सिन्हा .जकिया जाफरी ने अपने संगठन जन संघर्ष मंच का एक प्रोग्राम अहमदाबाद में रखा जिसमे अन्ना को बुलाया गया |

अन्ना का प्रोग्राम तीन दिन का था | पहले दिन अन्ना को कुछ दुकाने दिखाई गयी जहाँ लोग सुबह दूध लेने के लिए लाइन में खड़े थे [ अहमदाबाद में यदि आप सुबह दूध ले तो 1रूपये सस्ता पड़ता है क्योंकि दुकानदार को दूध को फ्रिज में नहीं रखना पड़ता ] अन्ना को वो लाइन दिखाकर बोला गया कि ये लोग शराब लेने के लिए लाइन में खड़े है | फिर यहाँ अहमदाबाद में साबरमती नदी के दोनों तरफ “रिवर फ्रंट ” का काम चल रहा है जो अपनी तरह का एशिया का पहला प्रोजेक्ट है |

इस प्रोजेक्ट को प्रधानमंत्री का विशेष पुरस्कार और संयुक्त राष्ट्र का पुरस्कार मिल चुका है | जो लोग नदी के दोनों तरफ अवैध रूप से झोपड़े बना कर रह रहे थे उन्हें गुजरात हाई कोर्ट ने तुरंत खाली कने का आदेश दिया | कोर्ट के आदेश से उनको हटा दिया गया | अन्ना को उन्ही विस्थापित लोगो से मिलवाया गया और बोला गया कि मोदी सरकार सिर्फ अमीरों की है और गुजरात में बहुत भ्रष्टाचार है | अन्ना को किसी भी आम आदमी से न तो मिलने दिया गया और नहीं कोई सवाल पूछने दिया गया ! अन्ना के चारो तरफ जन संघर्ष मंच के कार्यकर्ता घेरा बना कर थे | अंतिम दिन अन्ना टीवी 9 गुजरात पर इंटरव्यू दे रहे थे | जो एंकर उनका इंटरव्यू ले रहा था उसने अन्ना को बोला – ‘ क्या आपको मालूम है यहाँ शराब पर पाबन्दी है ‘ | फिर पूछा क्या आप वो जगह का पता बता सकते है जहाँ आपने शराब के लिए लाइन देखि ? अन्ना बगले झाँकने लगे फिर बोले मुझे कार्यकर्ताओ ने दिखाया |

एंकर ने जन संघर्ष मंच के कार्यकर्ता से पूछा तो वो बिना जबाब दिए चला गया .. फिर एंकर ने पूछा अन्ना जी क्या आपको गुजरात में भ्रष्टाचार के कोई सुबूत दिए गए है ? तो आप उसे सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहे है ?अन्ना के पास कोई जबाब नहीं था. फिर एंकर ने केजरीवाल से पूछा क्या आप के पास कोई RTI है जिसके द्वारा आप गुजरात और मोदी को भ्रष्टाचारी बता सके ? केजरीवाल गोलमोल जबाब दिये. आगे एंकर ने केजरीवाल से पूछा आप अहमदाबाद में कितने दिनों से है ? उन्होंने बोला 4 दिन से. तो एंकर ने पूछाक्या 1 सेकेण्ड के लिए भी कही बिजली गुल हुई ? या आप अपने जन संघर्ष मंच से पूछिये कि कितने साल पहले गुजरात में बिजली गुल हुई है ? फिर वो 2 मिनट चुप रहे और बोले मै यहाँ लोकपाल बिल के लिए आया हूँ बिजली के लिए नहीं |बहरहाल, अन्ना ने बोला कि गुजरात में लोकपाल नही है | तो जरा यह बताया जाए कि बिना विपक्ष की सहमती से कोई लोकपाल बना सकता है ? गुजरात सरकार जितने भी नाम देती है विपक्ष उसे मोदी का आदमी बताकर अपनी सहमती नहीं देते है तो ये किसका दोष है ? मोदी का या कांग्रेस का ? फिर दिल्ली के लोकपाल ने दो मंत्रियो को हटाने की सिफारिश की जिसे सरकार ने मानने से इंकार कर दिया तो ऐसे लोकपाल का क्या मतलब है ?असल में अन्ना के गुजरात दौरे के पीछे एक बहुत ही सोची समझी और गन्दी साजिश थी जो सफल नहीं हुई | वैसे भी अग्निवेश को गुजरात का बहुत ही “बढ़िया” अनुभव हुआ. पहले दिन उनका बैग किसी ने चुरा लिया जिसमे 50,000 रूपये, ड्राइविंग लाइसेंस और कई कागज़ थे |

जब मंच पर बार-बार ये अनुरोध किया जा रहा था कि जिस सज्जन के पास हो वो कृपया देने की कृपा करे तब किसी ने पीछे से जोर से बोला अग्निवेश तुम्हारे चारो ओर तो जन संघर्ष मंच के ही लोग है तो तुम्हारा बैग किसने चुराया होगा ? और अंतिम दिन तो एक साधू नित्यानंद ने अग्निवेश को “प्रसाद” दे ही दिया !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)