Thursday , 6 August 2020
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गोधरा होगा तो गुजरात भी होगा : डॉ. तोगड़िया

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भोपाल। विश्व हिन्दू परिषद् ने मांग की है कि गोधरा कांड के सभी 95 आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए। इन आरोपियों को जब जब फांसी नहीं होती तब तक यह नहीं माना जायेगा कि 57 निर्दोष व्यक्तियों को जिन्हें गोधरा में जिंदा जला दिया गया था, उन्हें और उनके परिजनों को न्याया मिला। इस कांड के मुख्य षड्यंत्रकारी मुल्ला उमर सहित 63 लोग राजनीतिक कोशिशों के चलते बरी हुए हैं। विश्व हिन्दू परिषद् के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने भोपाल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि यदि सभी 95 आरोपियों को फांसी की सजा नहीं दी जाती है तो हम मानेंगे कि कि हिन्दुओं को न्याय नहीं मिला। गुजरात सरकार से तत्काल सर्वोच्च नयायालय में अपील करने की मांग करते हुए उन्होंने कोर्ट के इस निर्णय का स्वागत किया जिसमें गोधरा कांड को साजिश माना गया है। विहिप ने घटना के तुरंत बाद इसे एक साजिश कहा था। उन्होंने कहा कि गोधरा कांड को न्यायालय द्वारा सुनियोजित साजिश बताये जाने का हम स्वागत करते हैं लेकिन देश की जनता को बताना चाहते हैं कि इस कांड के बाद से ही इसके आरोपियों को बचाने का सुनियाजित प्रयास किये जा रहे हैं। डॉ. तोगड़िया ने कहा कि मैं दुःख और गुस्से के साथ कहना चाहता हूं कि गुजरात के अपराधियों और जेहादी षड़यंत्रकारियों को जस्टिस जैन और जस्टिस वनर्जी के द्वारा बचाने की कोशिश की गई। जेहादी षड्यंत्रकारियों को बचाने के इन्हीं प्रयासों के तहत बनर्जी आयोग का गठन किया गया था और इस आयोग ने ही 57 हिन्दुओं को जलाने वाले आरोपियों को बचाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि जस्टिस बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें सजा दिलायी जानी चाहिये। तोगडिया ने कहा कि देश में यह स्थिति है कि यदि कोई हिन्दू मारा जाता है तो मुस्लिमों को बचाने का प्रयास किया जाता है और यदि कोई मुस्लिम मारा जाता है तो निर्दोष हिन्दुओं को फंसाया जाता है।
गौरतलब है कि साबरमती केंद्रीय जेल के अंदर मुकदमा जून 2009 में शुरू हुआ था जिसमें 94 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए। ये आरोपी 2002 से उच्च सुरक्षा वाली इस जेल में बंद हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 149, 302, 307, 323, 324, 325, 326, 332, 395, 397 और 436 तथा रेलवे अधिनियिम एवं पुलिस अधिनियम की कुछ धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे।
विहिप महामंत्री ने कहा दो हजार प्रत्यक्षदशियों की उपस्थिति में 57 निर्दोष हिन्दुओं को जिंदा जला दिया गयां। षड्यंत्र के आरोपियों को जब तक फांसी नहीं मिल जाती, हिन्दुओं को न्याय नहीं मिलेगा। अगर हिन्दुओं को न्याय नहीं मिला तो तो देश में भूचाल आयेगा। उन्होंने कहा कि गोधरा होगा तो गुजरात भी होगा। उन्होंने कहा कि गोधरा कांड के समय ट्रन में दो हजार लोग सवार थे। इसके बावजूद मुख्य आरोपी कैसे छूट बरी हो गया। जब कोर्ट ने भी घटना को साजिश मान लिया, फिर सभी आरोपियों को सजा क्यों नहीं हुई, वे आरोप मुक्त कैसे हो गए। हिन्दुओं और मुस्लिम आरोपियों के लिए न्याय के मापदंड में अंतर क्यों है। डॉ. तोगड़िया ने कहा कि अगर गोधरा के सभी आरोपियों को फांसी नहीं हुई तो देश में जेहादी आतंक की घटनाएं और बढ़ेंगी।

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