चर्चा है वैज्ञानिक अभियान की | स्पंदन फीचर्स
Tuesday , 17 May 2022
समाचार

चर्चा है वैज्ञानिक अभियान की

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चर्चा है हर ओर हमारे, वैज्ञानिक अभियान की।
उर्जा के भंडार छिपे हैं, जय हो इस विज्ञान की।

जो भी शहर हमारे आता, कूड़ा करकट से भय खाता।
सुखमय जीवन की आशा में, नित्य नई बीमारी पाता।
कूड़े का निष्पादन करके महकायें उद्यानिकी।

प्रकृति का हम करते दोहन, लेकिन रखें एक संतुलन।
वृक्षों को हम कभी न काटें, संग में करना गौ-संवर्धन।
जैविक खेती को अपना कर सुध खेत खलिहान की।

बूंद-बूंद की कीमत जानें, पानी की ताकत पहचानें।
वर्षा जल का संरक्षण कर, प्रक्रति के उपकार को मानें।
गंदेजल की उचित निकासी कर मदद करें किसान की।

वन की औषधियों को जानो, उनके लाभों को पहचाने।
औषधीय वृक्ष लगाकर, स्वस्थ रहने के सूत्रों को जाने।
करें प्रशंसा अन्तर्मन से ईश्वर के वरदान की।

चमत्कार में मत भरमाओ, शंका पूछो मत शरमाओ।
तंत्रों मंत्रों के चक्कर में, अपने अआप को मत उलझाओ।
शंका का हल शीघ्र मिलेगा करें स्वयं संधान भी।

भारत से ही उदित हुई है, प्रथम रश्मि विज्ञान की।
मिलजुल कर हम करते हैं, चर्चा इस अभियान की।

देश वही बढ़ता है आगे, हरदम भाग्य उसी के जागे।
नब्ज समय की जो पहचाने, कभी न संघर्षों से भागे।

नियम प्रकृति का सदा सर्वदा रहता है गतिमान ही।
मिलजुल कर हम करते हैं चर्चा इस अभियान की।

परंपराओं को भी निरखेंे, किंतु कसौटी पर भी परखें।
वैज्ञानिक हल खोजे हरदम, संशय के बादल न बरसे।

अंधकार के बाद ही मिलती एक किरण दिनमान की।
मिलजुल कर हम करते हैं चर्चा इस अभियान की।

वैज्ञानिक यदि दृष्टि हमारी, गलती कभी न होगी भारी।
लोक शक्ति का संबल लेकर, आगे बढ़ने की तैयारी।
विश्व मंच पर चर्चा होगी, ऐसे देश महान की।
मिलजुल कर हम करते हैं, चर्चा इस अभियान की।

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