Friday , 28 January 2022
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जानलेवा बीमारियों के इलाज के लिए तीन को साझा नोबेल

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कैंसर और गठिया जैसी बीमारियों का उपचार किया आसान
एजेंसी / स्टॉकहोम
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता की जटिल कार्यप्रणाली के रहस्य से पर्दा हटाने तथा कैंसर एवं संक्रामक बीमारियों के कारगर इलाज में मदद देने के लिए तीन प्रमुख वैज्ञानिकों अमेरिका के ब्रूस बीटलर, लक्जमबर्ग के ज्यूल्स हॉफमैन और कनाडा के राल्फ स्टीनमैन ने संयुक्त रूप से वर्ष 2011 का चिकित्सा क्षेत्र का नोबेल पुरस्कार जीत लिया है। इन वैज्ञानिकों शोध की बदौलत संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए विकसित किस्म का टीका तैयार किया जा सका है साथ ही कैंसर जैसी घातक बीमारी और गठिया बीमारी से लडऩे के लिए अधिक कारगर तरीका अपनाया जा सका है। पुरस्कार देने वाली स्वीडन की संस्था कैरोलिन्सका इंस्टीट्यूट ने सोमवार को यह घोषणा करते कहा कि इस वर्ष का नोबेल पुरस्कार हासिल करने वाले इन वैज्ञानिकोंं ने प्रमुख सिद्धांतों की खोज करके रोग प्रतिरोधक प्रणाली के काम के तरीको की समझ बढ़ाने में मदद की है। इन वैज्ञानिको के शोधों की बदौलत संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए विकसित किस्म का टीका तैयार किया जा सका है तथा कैंसर जैसी घातक बीमारी से लडऩे के लिए नया तरीका अपनाया जा सका है। १० दिसंबर को पुरस्कार दिए जाएंगे।


क्या है टीके की खासियत
इनके शोधों से थिरैपेटिक टीके की नींव रखी जा सकी है। इन टीकों से प्रतिरोधक क्षमता इतनी बढ़ जाती है कि वह ट्यूमर से भी मुकाबला करती है। प्रतिरोधक क्षमता की जटिल कार्यप्रणाली की बेहतर समझ होने से रूमेटाइड गठिया जैसी दाह कारक बीमारियों के इलाज में भी मदद मिली। शोध में इस बात का खुलासा किया गया है कि किस प्रकार शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भटक कर शरीर पर ही हमला करने लगती है।
पुरस्कार मिलने की जानकारी ही नहीं थी

नोबेल पुरस्कार प्राप्त कर सोमवार को दुनिया में धूम मचा देने वाले तीनों वैज्ञानिकों को पुरस्कार की घोषणा होने के करीब एक घंटे बाद तक इसकी जानकारी ही नहीं थी। नोबेल कमेटी के महासचिव गोरान हेंसन ने कहा कि पुरस्कार घोषित होने के करीब एक घंटे तक विजेताओं को इसकी सूचना नहीं दी जा सकी है।
चिकित्सा का 101वां नोबेल

चिकित्सा के क्षेत्र में वर्ष 2011 के लिए घोषित नोबेल पुरस्कार इस वर्ग में दिया जाने वाला 101वां नोबेल पुरस्कार है। वर्ष 2000 से 2011 तक यह प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल करने वाले वैज्ञानिकों के नाम इस प्रकार हैं
वर्ष नाम

– 2000 एरविन कार्लसन, पॉल ग्रीनगार्ड, इरिक आर केंडल
– 2001 लीलैंड एच, हार्टवेल, टिम हुंत, सर पॉल एम नर्स
– 2002 सिडनी ब्रेनर, एच रॉबर्ट हार्वित्ज, जॉन ई सुलत्सन
– 2003 पॉल सी लौटरबुर, सर पीटर मेनसफील्ड
– 2004 रिचर्ड एक्सल, लिंडा बी बक
– 2005 बैरी जे मार्शल, जे रॉबिन वारेन
– 2006 एंड्रयू जेड फायर, क्रैग सी मेलो
– 2007 मारियो आर केपची, सर मार्टिन जे इवांस, ऑलिवर स्मिथीज
– 2008 हराल्ड जुर हौसेन, फ्रांसिस्को बेरी, सिनोसी लक मोंटेगनियर
– 2009 एलिजाबेथ एय ब्लेकवर्न, कारोल डब्ल्यू ग्रेडर, जेक डब्ल्यू सजात्सक
– 2010 रॉबर्ट जी एडवर्ड
साभारः दैनिक भास्कर

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