Digital Seva | स्पंदन फीचर्स | Page 43
Sunday , 15 May 2022
समाचार

Author Archives: Digital Seva

चंबल के बीहड़ों में गूंजने दो बेटी की किलकारी

लोकेन्द्र सिंह राजपूत मैं मध्यप्रदेश के ऐसे इलाके से ताल्लुकात रखता हूं, जो कई बातों के लिए सुविख्यात है और कुख्यात भी है। ग्वालियर का किला और यहां जन्मा ध्रुपद गायन ग्वालियर-चंबल संभाग को विश्वस्तरीय पहचान दिलाता है। वहीं मुरैना का ‘पीला सोना’ यानी सरसों से भी देशभर में इस ... Read More »

ऐसे तो और बढ़ेगा पानी-बिजली का संकट

गिरीराज अग्रवाल जयपुर। केंद्र की प्रस्तावित रासायनिक उर्वरक सुधार नीति ने पर्यावरण प्रेमियों और कृषि वैज्ञानिकों की चिंताएं बढ़ा दी है। इनका मानना है कि किसानों को रासायनिक उर्वरकों पर सीधे सब्सिडी देने पर खेती में पानी और बिजली की मांग भी बढ़ेगी। देश में पहले ही पानी-बिजली का संकट ... Read More »

भगोरिया पर बाजार का चढ़ता रंग

सुरेंद्र कांकरिया, थांदला होलिका दहन तक आदिवासी अंचलों में 200 से अधिक भगोरिए मेले लगेंगे। इनमें से 62 केवल झाबआ जिले में देखने को मिलेंगे। आनंद, उल्लास, प्रेम व श्रद्धा किसी भी युग में किसी भी संस्कृति के हिस्से हो सकते हैं। संस्कृतियो की यात्रा ही इनके माध्यम से होती ... Read More »

सरकार से अपेक्षा तो है, पर शिकायत नहीं

न पेयजल है और न ही बिजली, न इलाज कराने के लिए कोसों तक कोई हाॅस्पिटल। यहां तक की आजीविका चलाने के लिए रोजगार का कोई जरिया। इन सब विपरीत परिस्थितियों के बावजूद ‘बैगा’ आदिवासियों को उम्मीद है कि एक दिन सरकार उनकी उम्मीदों को जरूर पूरा करेगी। मध्यप्रदेश के ... Read More »

इसलिए खराब नहीं होता गंगाजल

सहारनपुर। गंगा जल आखिर खराब क्यों नहीं होता ? पतित पावनी गंगा नदी का नाम आते ही ये सवाल अक्सर दिमाग को खटखटा देता है। लेकिन इसका भी जवाब मिल गया है। दरअसल, हिमालय की कोख गंगोत्री से निकली गंगा का जल इसलिए कभी खराब नहीं होता, क्योंकि इसमें गंधक, ... Read More »

गंधक बनाता है गंगा को निर्मल

सहारनपुर। हिमालय की कोख गंगोत्री से निकली गंगा का जल इसलिए कभी खराब नहीं होता, क्योंकि इसमें गंधक (सल्फर) खनिज की सर्वाधिक मात्रा पाई जाती है। यही कारण है कि यह पानी सदा पीने योग्य माना गया है। हालांकि कानपुर, वाराणसी एवं इलाहाबाद का गंगा जल पीने योग्य नहीं है। ... Read More »

नदारद न हो जाएं नदियां

– नदियों के जीवन को लेकर चिंचित नहीं हैं हम नई दिल्ली। इसे अपनी संस्कृति की विशेषता कहें या परंपरा, हमारे यहां मेले नदियों के तट पर, उनके संगम पर या धर्म स्थानों पर लगते हैं और जहां तक कुंभ का सवाल है, वह तो नदियों के तट पर ही ... Read More »

हर साल बचाई जा सकती हैं 80 हजार गायें

– जाने-अनजाने पाॅलीथिन बना रही गौ हत्या का दोषी भोपाल। भारतीय संस्कृति में माता का दर्जा प्राप्त गाय की जान पर पाॅलीथिन भारी पड़ रही है। इसके उपयोग से आप भी अनजाने में गौ हत्या के दोषी बन रहे हैं। पाॅलीथिन का उपयोग बंद कर आप इस पाप से बच ... Read More »

मन की मैल से गंगा मैली

शंकर शरण अगर गंगा को स्वच्छ करना है तो पहले दृष्टि बदलनी होगी। उसके लिए धन जुटाने की नहीं, मन बनाने की आवश्यकता है। गंगा की अस्वच्छता को पर्यावरण और स्वास्थ्य वाली भौतिकवादी दृष्टि से देखना छोड़ना होगा। उसके दूषण के लिए मूलतः बढ़ती आबादी, उद्योगों और शहरों का विस्तार, ... Read More »

पीने योग्य पानी देगी लीफ!

नई दिल्ली : प्राकृतिक पत्तों की संरचना से प्रभावित होकर पुणे के एक छात्र ने पानी उत्पादन करने वाले एक ऐसे स्रोत का निर्माण किया है जो सौर ऊर्जा से संचालित होता है। यह लीफ प्रतिदिन बीस लीटर पीने योग्य पानी का उत्पादन करने की क्षमता रखती है। अनुराग सारदा ... Read More »