Friday , 28 January 2022
समाचार

Author Archives: Digital Seva

क्या भारत का अंतरिक्ष और मिसाइल कार्यक्रम सुरक्षित है?

सुरेश चिपलूनकर (सन्दर्भ – ईरान)…… India’s Satellite Missile Programme Security कल्पना कीजिये कि पावरग्रिड सिस्टम फ़ेल होने से अचानक पूरे भारत की बिजली गुल हो जाये, सभी प्रमुख बैंकों के सर्वर ठप होने से आर्थिक गतिविधियों में अफ़रातफ़री मच जाये, बाँधों में पानी की क्षमता पर नज़र रखने वाला सिस्टम ... Read More »

वाचिक संपदा को सुरक्षित रखने की एक अनूठी पहल

भारत की ज्ञान-संपदा  जितनी लिखित  रूप में पुस्तकालयों, शोध संस्थानों, पत्र-पत्रिकाओं और शिक्षण संस्थाओं आदि में उपलब्ध है, उससे कई गुना अधिक वाचिक रूप में वह देश  के लोक जीवन में समायी हुई है। जो दादी-नानियां सदियों से अपने पोते-पोतियों और नाती-नातिनों को लोक कथाएं सुनाकर ज्ञान और आचरण के ... Read More »

नरसिंहगढ़ का फुन्सुक वांगडू ‘हर्ष गुप्ता’

लोकेन्द्र सिह खू बसूरत और व्यवस्थित खेती का उदाहरण है नरसिंहगढ़ के हर्ष गुप्ता का फार्म। वह खेती के लिए अत्याधुनिक, लेकिन कम लागत की तकनीक का उपयोग करता है। जैविक खाद इस्तेमाल करता है। इसे तैयार करने की व्यवस्था उसने अपने फार्म पर ही कर रखी है। किस पौधे ... Read More »

चुनाव व्यवस्था में परिवर्तन

परिवर्तन की बात करना राजनेताओं और समाजसेवियों में प्रचलित एक फैशन है। चुनाव आयुक्त श्री कुरैशी भी देश भर के विद्वानों और राजनेताओं से परामर्श कर रहे हैं कि चुनाव व्यवस्था में क्या सुधार होने चाहिए ? पिछले दिनों राहुल गांधी ने उ0प्र0 में कहा कि सारी राजनीतिक व्यवस्था सड़ ... Read More »

जेपीसी अपनी सार्थकता सिद्ध करे

सिद्धार्थ शंकर गौतम आखिरकार केंद्र सरकार संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी के गठन पर राजी हो गई है। किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए संसद द्वारा गठित की जाने वाली जेपीसी देश की सबसे ताकतवर जांच समिति होती है। इस समिति का अध्यक्ष सत्तापक्ष का होता है जबकि संसद के दोनों ... Read More »

चित्रकूट में नानाजी का पुण्यस्मरण

नानाजी के 500 गांवों का नमूना देश के छःलाख गांवों का प्रेरणा स्रोत है -डॉ.ए.पी.जे.कलाम नानाजी के नाम पर जबलपुर में खुलेगा पशुपालन विश्वविद्यालय चित्रकूट से अनिल सौमित्र चित्रकूट। नानाजी की प्रथम पुण्यतिथि पर चित्रकूट में देशभर से आए लोगों ने नानाजी को याद किया। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ... Read More »

बहुत बुरा लगा था पीछे बैठना

यह संयोग भारत में ही संभव हो सकता था कि एक शिक्षक राष्ट्रपति बन जाए और एक राष्ट्रपति शिक्षक। बात हो रही है क्रमश: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (जिनका जन्मदिन आज शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जा रहा है) और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की, जो राष्ट्रपति पद से मुक्त ... Read More »

“भारतीय संस्कृति में पत्रकारिता के मूल्य” विषय पर राष्ट्रीय संविमर्श

पारंपरिक मीडिया का विकास जरूरीः मुजफ्फर हुसैन भोपाल 23 फरवरी। वरिष्ठ पत्रकार पद्मश्री मुजफ्फर हुसैन का कहना है कि पत्रकारिता एक भविष्यवेत्ता की तरह है जो यह बताती है कि दुनिया में क्या होने वाला है। वे यहां माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवम संचार विश्वविद्यालय,भोपाल के तत्वाधान में भारतीय संस्कृति ... Read More »

होवे न पंजपाणी बदनाम

खाओ रे सांझे की चुरी, पियो रे एकता का जाम। होवे ना पंजपाणी बदनाम।। ज्ञान कि नदिया ठाइे मारे, हमको पास बुलाती हैं पानी जैसे घुल मिल जओ, हमको यही सिखाती है भाई-चारा और तरक्की, सीखे हमसे कहे विज्ञान। होवे ना…………………. कौन हैं हम और कहां से आए, बड़ी अजीब ... Read More »

क्या हम भी औरों से होंगे ?

क्या हम भी औरों से होंगे ? मां के उर को ऊसर कहकर मां का दर ठुकराने वाले हम भी क्या बेपैंदी वाले उन ‘काले-गोरों8 से होंगे ? आओ हम दर्पण में झांकें अपनी औकातों को आंके बैठें, सोचे, खोजें ये सब किसने लूटा अपना वैभव ? जिसका नहीं विश्व ... Read More »