Friday , 28 January 2022
समाचार

Author Archives: Digital Seva

चौकड़िया

-उमा सक्सेना मिलके आव बचालें गायें ये हैं सबकी गायें। हल खां बैल, खेत खां गोबर सब खां देध पिवाये। देव समान पूज्य हैं इनकी काहे बली चढ़ाये।। जब प्राणी काया छोड़े बेड़ा पार लगाये। मिल के आव बचाले गायें ये हैं सबकी गायें।। Read More »

हम भी तो कुछ देना सीखें

देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें। सूरज हमें रोशनी देता, हवा नया जीवन देती है। भूख मिटाने को हम सबकी, धरती पर होती खेती है। औरों का भी हित हो जिसमें, हम ऐसा कुछ करना सीखें। देश हमें देता है सब कुछ, हम भी ... Read More »

दोहे

-निदा फाजली सीधा सादा डाकिया, जादू करे महान; एक ही थैले में भरे, आंसू और मुस्कान। सुना है अपने गांव में, रहा न अब वो नीम; जिसके आगे मांद थे, सारे बैद- हकीम। बूढ़ा पीपल घाट का, बतियाए दिन-रात; जो भी गुजरे पास से,सर पर रख दे हाथ। चीखे घर ... Read More »

जमानो आयो चेतन को……………..

(लोक गीत) बहना चेत सके तो चेत जमानो आयो चेतन को। जमानों आयो चेतन को। चेतन को आयो चेतन को -2 गांव शहर में जाओ रे भईया सबको ये समझाओं फैला जाय अन्धविश्वास मिलकर इसे मिटाओं यह प्रकृति का संदेश जमानों आयो चेतन को बहना चेत सके तो चेत जमानो ... Read More »

किताबें

किताबें करती हैं बातें, बीते जमानों की दुनिया की, इन्सानों की, आज की कल की एक-एक पल की, खुशियों की, गमों की फूलों की, बमों की, जीत की, हार की प्यार की, मार की, क्या तुम नहीं सुनोगे इन किताबों की बातें ? किताबें कुछ कहना चाहती हैं तुम्हारे पास ... Read More »

भू -जल संग्रह दोहावली

अवधेश कुमार नेमा धरती माँ की कोख में, जल के हैं भंडार। बूंद-बंूद को तड़प रहे, फिर भी हम लाचार।। दोहन करने के लिये, लगा दिया सब ज्ञान। पुनर्भरण से हट गया, हम लोगों का ध्यान।। गहरे से गहरे किये, हमने अपने कूप। रही कसर पूरी करी, लगा लगा नलकूप।। ... Read More »

हर हाथ को देंगे काम

हर हाथ को देंगे काम। हर खेत को देंगे पानी।। दुल्हन बनकर फिर से सजेगी अपनी-धरती रानी, अपनी धरती रानी हो…….. हो…………. आ……….. आ…….. मिल जुलकर मेहनत करें ……….. मेहनत वो रंग लायेगी…………… सींचे पसीने से वो, माटी मोती उगायेगी लाली चुनर ओढ़ के, धरती ये गुन -गुनायेगी खेतों में ... Read More »

चर्चा है वैज्ञानिक अभियान की

चर्चा है हर ओर हमारे, वैज्ञानिक अभियान की। उर्जा के भंडार छिपे हैं, जय हो इस विज्ञान की। जो भी शहर हमारे आता, कूड़ा करकट से भय खाता। सुखमय जीवन की आशा में, नित्य नई बीमारी पाता। कूड़े का निष्पादन करके महकायें उद्यानिकी। प्रकृति का हम करते दोहन, लेकिन रखें ... Read More »

महिला पत्रकारों के प्रति लोगों का नजरिया

रीता विश्व्कर्मा मीडिया में महिलाओं का प्रवेश और योगदान बड़े शहरों में अब आम बात हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में ठीक इसका उल्टा हो रहा है। लड़कियों को पढ़ाने के पीछे माँ-बाप एवं उनके घर वालों का महज एक ही उद्देश्य है कि शादी के लिए पढ़ाई की सनद ... Read More »

जैव विविधता पर भोपाल में राष्ट्रीय सेमीनार

शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय (एम.वी.एम.) भोपाल के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 26 एवं 27 फरवरी 2011 को ‘ जैव विविधता संरक्षण एवं प्रबंधन ‘ विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है। क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय-भोपाल में आयोजित इस सेमीनार में देश के 250 से ... Read More »