Friday , 28 January 2022
समाचार

Author Archives: Digital Seva

भारतीय संस्कृति में पत्रकारिता के मूल्य विषय पर राष्ट्रीय संविमर्श

ज्ञानार्जन भारत की परंपरा : आरिफ मोहम्मद खान भोपाल । पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान का कहना है कि भारत की परंपरा, ज्ञान की परंपरा है, प्रज्ञा की परंपरा है। भारतीय संस्कृति का सारा जोर ज्ञानार्जन पर है। वे यहां “भारतीय संस्कृति में पत्रकारिता के मूल्य” विषय पर माखन ... Read More »

गोधरा होगा तो गुजरात भी होगा : डॉ. तोगड़िया

भोपाल। विश्व हिन्दू परिषद् ने मांग की है कि गोधरा कांड के सभी 95 आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए। इन आरोपियों को जब जब फांसी नहीं होती तब तक यह नहीं माना जायेगा कि 57 निर्दोष व्यक्तियों को जिन्हें गोधरा में जिंदा जला दिया गया था, उन्हें और ... Read More »

विनायक सेन के बहाने……

पवन कुमार अरविंद प्रख्यात स्तंभकार 96 वर्षीय सरदार खुशवंत सिंह का कम्युनिस्टों के संदर्भ में बिल्लियों के नवजात बच्चों वाला एक हास्य बहुत प्रसिद्ध है- प्राइमरी में पढ़ने वाली एक छात्रा ने अपने प्रधानाध्यापक से कहा- सर! मेरी बिल्ली ने कल रात में दो बच्चों को जन्म दिया है। दोनों ... Read More »

जम्मू-कश्मीर में वर्तमान आंदोलन – संभावनायें और आशंकायें

वर्ष 2005-06 में अपनी मुस्लिम वोट की राजनीति और अंतर्राष्ट्रीय दबाव में मनमोहन सरकार ने पाकिस्तान से गुपचुप वार्ता प्रारंभ की। इसका खुलासा करते हुए पिछले दिनों लंदन में मुशर्रफ ने कहा कि ट्रेक-2 कूटनीति में हम एक समझौते पर पहुंच गये थे। वास्तव में परवेज कियानी- मुशर्रफ की जोड़ी ... Read More »

बॉलीवुड को भाने लगा मध्यप्रदेश

लोकेन्द्र सिह् म ध्यप्रदेश, देश का हृदय है। प्राकृतिक सौंदर्य, संपदा और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों से भी खूब समृद्ध है मध्यप्रदेश। इसके सौंदर्य का गुणगान पर्यटन को आकर्षित करने के लिए बनाए गए विज्ञापन बखूबी करते हैं। मन को आल्हादित करने वाले मध्यप्रदेश के वातावरण ने आखिरकार बॉलीवुड को ... Read More »

ज़मानत मिल जाय तो न्याय, सज़ा तो अन्याय..!

पंकज झा डा. विनायक सेन के बारे में पढते-सोचते-लिखते हुए अभी डा. प्रकाश आमटे का हाल का एक बयान याद आ रहा है. हालांकि समाचार एजेंसी भाषा द्वारा जारी और विभिन्न अखबारों में प्रकाशित उनके बयान से सीधे विनायक मामले का कोई संबंध नहीं है. लेकिन अपने महान पिता ‘बाबा ... Read More »

तुलसी पर तुलसी की टिप्पणी निंदनीय

करोडों हिंदुओं की आस्था के केंद्र प्रभु श्रीराम का आदर्श चरित्र यदि किसी ने उकेरा, तो वे सही मायनों में तुलसीदास ही थे। तुलसीदास -रचित रामचरित मानस भारतीय साहित्य में मील का पत्थर है, पर इस घोर कलयुग में उनकी इस पवित्र व अद्वितीय कृति पर ही सवालिया निशान लगा ... Read More »

जिसने सिखाया था क कलम का, स स्याही का, द दवात का

सिद्धार्थ गौतम जिस कलम से ककहरा सीखा और अक्षरों की गोलाइयों से अर्थो को बदल देने का रहस्य जाना, जिस कलम की नोंक के जोर पर भाषा का इतना बड़ा विश्व जीत लेने की मन में ठानी, आज उसी कलम-स्याही का साथ छूटता जा रहा है। बचपन में स्लेट पर ... Read More »

अभिव्यक्ति की आजादी का दुरुपयोग!

सिद्धार्थ गौतम दिग्विजय सिंह पुन: सुर्खियां बटोरने में लगे हैं। हिंदू आतंकवाद के मुद्दे पर जिल्लत झेल चुके दिग्गी राजा ने इस बार तो हद ही कर दी। देश को आजाद हुए करीब 64 वर्ष हो गए हैं, पर दिग्विजय सिंह ने इतने वर्षों बाद दो-राष्ट्र सिद्धांत के लिए पाकिस्तान ... Read More »

राजा भोज की सांस्कृतिक चेतना

(अनिल सौमित्र) आज का मध्यप्रदेश अगर सांस्कृतिक रूप से चैतन्य है तो इसका करण यहां की सांस्कृतिक विरासत भी है। मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की बात विक्रमादित्य और परमार वंश के राजा भोज के अवदानों को याद किए बिना नहीं की जा सकती। ऐसा शासक जिसकी इतिहास में उपस्थिति के स्पष्ट ... Read More »