शरीर को संतुलित करता है योग, जानें कैसे सेहत के लिए फायदेमंद है ध्यान और प्राणायाम का कॉम्बिनेशन

योग का इतिहास लगभग 15 हजार सालों पुराना है। इसका अर्थ है शरीर, मन, चेतना और आत्मा का एक साथ संतुलन। हमारी आधुनिक जीवन शैली में योग का अधिक महत्व है क्योंकि दिन प्रतिदिन बढ़ती व्यस्तता और वयाग्रता व तनाव के कारण हम अक्सर किसी ना किसी रोग से घिरे रहते हैं। योग हमें सभी परेशानियों से मुक्ति दिलाता है। जो लोग योग करते हैं, उनके जीवन की गुणवत्ता, उन लोगो की तुलना में बेहतर होती है जो लोग योग नहीं करते हैं। अर्थात् योग करने वाले लोगो का मूड भी हर समय सही रहता है। वे फिट भी रहते हैं, उनको डिप्रेशन व चिंता आदि से भी मुक्ति मिली रहती है और योग करने वाले लोगो का जीवन संतुलित रहता है।

तनाव कम करने में सहायक

योग से तनाव में राहत मिलती है और आप का शरीर शांत रहता है। अध्ययनों से पता चला है कि योग से तनाव उत्पन्न करने वाले हार्मोन, ‘कोर्टिसोल’ का स्राव कम होता है। यदि आप चाहते हैं कि आप को गुस्सा कम आए और आपके दिमाग में किसी भी तरह का तनाव न रहे तो, आप हर रोज सुबह, कुछ देर तक योग करें। 3 महीने तक लगातार किया गया योग, तनाव को बहुत हद तक कम कर देता है।

चिंता से छुटकारा मिलता

जैसा कि आप जानते हैं कि योग से न केवल आपकी शारीरिक सेहत संतुलित रहती है, बल्कि आप की मानसिक स्थिति भी बेहतर रहती है। यदि आप भी छोटी छोटी बातों को लेकर बहुत अधिक चिंतित हो जाते हैं तो, आप को योग जरूर करना चाहिए। इससे आप की क्या देख चिंता करने की आदत कम होती है और आप का शरीर और मन शांत रहता है।

हृदय की सेहत के लिए बेहतर

हमारे शरीर में हृदय की एक अहम भूमिका है। इसलिए यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम अपने हृदय का अच्छे से ख्याल रखें। अध्ययन से पता चलता है कि योग हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और हृदय रोग के कई जोखिम कारकों को कम करने में मदद करता है। अतः हृदय की सेहत को बरकरार रखने के लिए हर रोज योग जरूरी है। इस योग से आप का हृदय हर प्रकार के रोगों से सुरक्षित रहेगा। योग करने से आप का बीपी भी नियंत्रित रहता है।

डिप्रेशन मुक्त करने में सहायक

यदि आप डिप्रेशन में हैं तो योग व मेडिटेशन करने से आप की मानसिक स्थिति में सुधार होगा। योग करने से तनाव उत्पन्न करने वाले हार्मोन कम सक्रिय होंगे और फीलगुड वाले हार्मोन का स्त्राव बढ़ेगा। अतः हम कह सकते हैं कि योग हमारे डिप्रेशन से लड़ने में सहायता करता है।

आप के अंदर लचीलापन आता है

अपने शरीर को लचीला और संतुलित बनाए रखने के लिए कई लोग योग को अपनी फिटनेस दिनचर्या में शामिल करते हैं। यदि आप सारे दिन ज्यादा एक्टिव नहीं रहते हैं और ज्यादा बैठने या लेटने की वजह से आप का शरीर बिल्कुल जाम हो चुका है। तब आप को योग का सहारा लेना चाहिए। हर दिन सिर्फ 15-30 मिनट योग का अभ्यास करने से आप का शरीर लचीला, फिट व स्वस्थ होगा।

कुछ लोग अपने माइग्रेन को ठीक करने के लिए योग का सहारा लेते हैं। क्योंकि माइग्रेन में होने वाला सिर दर्द किसी चिंता या तनाव के कारण ही उत्पन्न होता है और यदि आप प्रतिदिन योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाते हैं तो तनाव एंजाइटी उत्पन्न करने वाले हार्मोन का लेवल हमेशा कंट्रोल रहता है और इस वजह से आप को माइग्रेन की परेशानी भी नहीं होती। शोध से यह भी पता चला है कि योगा करने से वेजस तंत्रिका को उत्तेजित करने में मदद मिल सकती है, जो कि माइग्रेन  से राहत दिलाने में कारगर साबित हुई है।

Check Also

आपके बहुत काम के हैं ये आयुर्वेद दोहे : आजमा कर देखिये

दही मथें माखन मिले, केसर संग मिलाय, होठों पर लेपित करें, रंग गुलाबी आय.. बहती …

Leave a Reply