Monday , 18 January 2021
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दुष्काल : वेक्सिन के मामले में साफ़ नजरिये की दरकार

राकेश दुबे कोविड -१९की वेक्सीन के बारे में अभी कोई साफ़ निर्णय नहीं हुआ है| देश में एक अजीब वातावरण बनना शुरू हो गया है | शंका व्यक्त की जा रही है कि कहीं हमारा देश उस अंतरराष्ट्रीय चालबाजी के जाल में तो नहीं फंस रहा, जिसमें ऐसा वैक्सीन हमारे ... Read More »

मनोरंजन नहीं प्रामाणिक इतिहास हैं लोक आख्‍यान : पद्मश्री मालिनी अवस्थी

चतुर्थ दत्तोपंत ठेंगड़ी समृति राष्ट्रीय व्याख्यानमाला के समापन सत्र में मालिनी अवस्‍थी का व्‍याख्‍यान संपन्‍न भोपाल, 11 नवंबर। पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में लोकगीत व लोक आख्यानों में लोकमंगल और सबके कल्याण की कामना की गई है। सामान्य जन को जीवन ... Read More »

पंथ-प्रतिनिधियों और विज्ञान-संचारकों की वेब-संगोष्ठी 18 अक्टूबर को

राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद् और स्पंदन संस्था का संयुक्त आयोजन  https://us02web.zoom.us/j/83602311616?pwd=bmZFbjBhOVQvSGoyRUNpa2IvZlUvQT09     पर 18 अक्टूबर दोपहर 3:00 बजे से होगा। भोपाल l विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद और स्पंदन संस्था द्वारा राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया जा रहा है l वेबिनार का विषय – “विविध संस्कृतियों में ... Read More »

इस दुष्काल मे बच्चो के लिए एक नया द्वार

*इस दुष्काल में बच्चो के लिए एक नया द्वार*स्कूल खोलने न खोलने को लेकर बहस जारी है | आने वाले कुछ दिन इस कवायद के नतीजे बतायेंगे | हम बच्चों को स्कूल सीखने के लिए भेजते हैं | वे क्या बड़े-बूढ़े तक, इस दुष्काल में घर में रह कर कुछ ... Read More »

कैंसर को समझने के लिए नैनोमोटर्स का उपयोग कर रहे हैं वैज्ञानिक

नई दिल्ली, 30 सितंबर (इंडिया साइंस वायर): इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लेकर, कृषि, इंजीनियरिंग और चिकित्सा विज्ञान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नैनो तकनीक अपनी छाप छोड़ रही है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी), बेंगलूरू के शोधकर्ताओं ने एक अनोखे प्रयास में कोशिकाओं के सूक्ष्म वातावरण के अध्ययन के लिए थ्रीडी ट्यूमर ... Read More »

स्वास्थ्य और चिकित्सा के स्तर पर जमीन से जुड़कर ही हम इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल कर सकते हैं: वैद्य राजेश कोटेचा

नई दिल्ली। अपनी समृद्ध परंपरा और चिकित्सा व आहार को अपनाकर हम स्वस्थ रह सकते हैं और कोरोना जैसी महामारी का मुकाबला करने में सफल हो सकते हैं। हमें स्वास्थ्य और चिकित्सा के स्तर पर जमीन से जुड़ना होगा तभी आत्मनिर्भरता भी हासिल कर सकते हैं। ये बातें 2 अक्टूबर ... Read More »

गांवों का शोषण अपने आप में एक संगठित हिंसा है

अभिषेक शर्मा आज जिस प्रकार वैश्विक समाज धनी और वंचितो, शहरी और ग्रामीणों, कुशल और अकुशल के हितों के टकराव के दोराहे पर खड़ा है और सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक समस्याओं का कारण बन रहा है, ऐसे में गांधीवादी दर्शन का एक पक्ष ऐसा भी है जो हमें इन समस्याओं ... Read More »

विश्व के सबसे सफल संचारक थे गांधी : प्रो. शुक्ल

भारतीय जन संचार संस्थान में “गांधी पर्व” का आयोजन *नई दिल्ली, 1 अक्टूबर* । ”संचार के उद्देश्यों की बात की जाए, तो गांधी विश्व के सबसे सफल संचारक थे। अपने इसी गुण के कारण वह देश के अंतिम व्यक्ति तक अपनी बात पहुंचाने में सफल रहे।” यह विचार महात्मा गांधी ... Read More »

हिन्दी बोलना सम्मान या आत्मग्लानि

हमारी संस्था ‘ग्लोबल सोशल कनेक्ट’ ने आज हिंदी दिवस के उपलक्ष में “हिंदी बोलना: सम्मान या आत्मग्लानि” विषय पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण वेबिनार का आयोजन किय।  इस विषय पर चर्चा के लिए कई  गण्यमान वक्ताओं ने भाग लिया जिनमे से कुछ नाम हैं डॉक्टर अनिल सौमित्र (राष्ट्रीय संयोजक – मीडिया ... Read More »

युवाओं में बढ़ता अवसाद

  अभिलाषा दिवेदी करीब तीन साल पहले की घटना है। मध्य प्रदेश के एक धनाढ्य परिवार ने, जो मुंबई में जा बसा था, अहले सुबह मुझे फोन किया। उनका इकलौता बेटा दिल्ली के डीपीएस में 12वीं कक्षा में पढ़ता था। वह उन दिनों गुमसुम रहने लगा था और उसकी असामान्य ... Read More »