Monday , 17 January 2022
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माखन

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अत्रावली नगरी के दक्षिणमुखी हनुमान (हनुमान जयंती विशेष)

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भारतीय खिलौनों की बढ़ती चमक

सुशान्त प्रताप सिंह खिलौने बच्चों के मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और बच्चों को मनोवैज्ञानिक और संज्ञानात्मक रूप से स्थिरता देते हैं । दुनिया भर में खिलौनों का कारोबार लगभग 8000 अरब रुपए का है जिसमें भारत की हिस्सेदारी केवल 40 अरब रुपयों की है । भारत में ... Read More »

संघ के वैचारिक अभियान को आगे बढ़ाएंगे दत्ताजी

कृष्णमोहन झा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि संभा की त्रिवार्षिक बैठक में सरकार्यवाह की जिम्मेदारी  अगले तीन वर्षौ के लिए दत्तात्रेय होसबोले को सौंपी गई है जो इस पद पर सुरेश भैयाजी जोशी के उत्तराधिकारी बने हैं।  संघ की परंपरा के अनुसार दत्तात्रेय होसबोले को प्रतिनिधि सभा के ... Read More »

भाषायी विविधता को बचाने की जिम्मेदारी सिर्फ़ गैर-हिन्दी भाषियों की ?

रितेश प्रुषेथ ‘कोस-कोस पर बदले पानी, चार कोस पर वाणी।‘ यह कहावत भारत में समय के साथ विभिन्न भौगोलिक क्षेत्र में विकसित हुई सांस्कृतिक तथा भाषाई विविधता को दर्शाती है। भारत में ऐतिहासिक तौर पर कभी एक भाषा का प्रादुर्भाव नहीं रहा। भले ही आदि काल में  कुछ समय के ... Read More »

सहेजें जल ताकि सुरक्षित रहे कल

शीतला प्रसाद रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून,                                                     पानी गए न ऊबरे मोती, मानुषचून….                                                 “रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून” रहीम दास जी ... Read More »

विषाणुओं के दूसरे दौर में प्राकृतिक उपाय होंगे कारगर

वर्तमान में जीवन के अनेक आयाम सामने आने लगे हैं। दैहिक बीमारियों का दावानल एक बार फिर अपना प्रकोप दिखाने लगा है। अनेक देशों सहित हमारे राष्ट्र में भी निरंतर विस्तार ले रहा है। सभी सरकारें अपने स्तर पर फिर से तैयारियों में जुट गई हैं। सावधानियां बरतने की अनुशासनात्मक ... Read More »

नक्कारखाने में तूती की आवाज

लोकतंत्र का वास्तविक अर्थ विकेन्द्रीकृत व्यवस्था की स्थापना से जुडा है। सत्ता से लेकर विकास के मापदण्डों तक यही सिध्दान्त लागू होना चाहिए ताकि समाज के आखिरी छोर पर बैठे व्यक्ति तक सुविधायें और संसाधनों की सीधी पहुंच हो सकेगी। लगभग 138 करोड नागरिकों वाले देश में संवैधानिक व्यवस्थायें निरंतर पतन ... Read More »

दुष्काल : वेक्सिन के मामले में साफ़ नजरिये की दरकार

राकेश दुबे कोविड -१९की वेक्सीन के बारे में अभी कोई साफ़ निर्णय नहीं हुआ है| देश में एक अजीब वातावरण बनना शुरू हो गया है | शंका व्यक्त की जा रही है कि कहीं हमारा देश उस अंतरराष्ट्रीय चालबाजी के जाल में तो नहीं फंस रहा, जिसमें ऐसा वैक्सीन हमारे ... Read More »

मनोरंजन नहीं प्रामाणिक इतिहास हैं लोक आख्‍यान : पद्मश्री मालिनी अवस्थी

चतुर्थ दत्तोपंत ठेंगड़ी समृति राष्ट्रीय व्याख्यानमाला के समापन सत्र में मालिनी अवस्‍थी का व्‍याख्‍यान संपन्‍न भोपाल, 11 नवंबर। पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में लोकगीत व लोक आख्यानों में लोकमंगल और सबके कल्याण की कामना की गई है। सामान्य जन को जीवन ... Read More »