Friday , 28 January 2022
समाचार

मुकेश मिश्र की किताब “ताप्ती,तप और ताकत” लोकार्पित

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इंदौर। बुरहानपुर के इतिहास, संस्कृति और परंपरा से देश विदेश के लोगों को रूबरू करवाने के मकसद से बुधवार को बुरहानपुर में  एक काफी बुक विमोचन किया गया। ताप्ती,तप और ताकत नामक इस किताब का विमोचन सांसद और भाजपा अध्यक्ष नंद कुमार चौहान और मंत्री अर्चना चिटनीस ने किया।
श्री चौहान ने इस मौके पर कहा कि यह पुस्तक बुरहानपुर को समझाने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगा।हिंदी और इंग्लिश में छपी यह पुस्तक देश दुनिया से बुरहानपुर में आने वालों केलिए मददगार होगी। इस पुस्तक के प्रेरक कलेक्टर बुरहानपुर दीपक सिंह ने कहा की स्टोरी बुक की तर्ज पर लिखी गई ये किताब बुरहानपुर के इतिहास की कहानी बेहद रोचक ढंग से लोगों के सामने रखती है।इसमें बुरहानपुर के समृद्ध इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को फोटोज के जरिये पेश किया गया है।इसका विमोचन पर्यटन विकास निगम ,मध्य प्रदेश शासन, जिला प्रशासन और बुरहानपुर पुरातत्व संघ द्वारा आयोजित समारोह में होगा।विश्व धरोहर दिवस  पर शाही महल परिसर में आयोजित समारोह में शहर के लेखक, पत्रकार, कवि, इतिहासकार, प्राध्यापक और बुद्धिजीवी उपस्थित रहें।
उल्लेखनीय है कि बुरहानपुर  देश का अकेला ऐसा शहर है जो हिन्दू, मुस्लिम, सिख तीनों धर्मों की आस्था का केंद्र भी है और देश की संस्कृति और इतिहास से भी जुड़ा हुआ है। त्रेता युग में भगवान राम के चरण ताप्ती किनारे बसे इस शहर पर पड़े थे। गुरुनानक भी यहां से होकर निकले थे और गुरुगोविंद सिंह ने गुरुग्रंथ साहब को यहीं पर पूर्ण किया था। बुरहानपुर की दरगाहे हकीमी पूरी दुनिया के बोहरा समाज के लिए तीर्थ की तरह है। उदासीन अखाड़ा, स्वामीनारायण संप्रदाय और कबीरपंथ के संतों ने भी इसे अपनी तपभूमि बनाया है।
असीरगढ़ का किला इसे इतिहास के पन्नों पर स्थापित करता है तो दूसरी तरफ अकबर से लगाकर शाहज़हां तक ये मुगलों की एक महत्वपूर्ण छावनी रहा है।

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